Bashar al-Assad Death Sentence: सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके छोटे भाई माहेर अल-असद को फांसी की सजा सुनाई। दोनों को गृहयुद्ध के दौरान हुई लाखों लोगों की मौत और गंभीर अत्याचारों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी करार दिया गया। दोनों की गैरमौजूदगी में यह फैसला सुनाया गया।
सीरिया की अदालत ने अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद को गैरमौजूदगी में फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें देश के गृहयुद्ध के दौरान किए गए अत्याचारों के मामलों में दोषी ठहराया। यह 2024 में असद को सत्ता से हटाने वाले संक्रमणकालीन नेतृत्व के तहत आया पहला ऐसा फैसला है। नए नेतृत्व ने असद शासन के दौरान हुए अपराधों के लिए न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने का वादा किया था। दमिश्क की ओर विद्रोही ताकतों के बढ़ने के बाद बशर अल-असद सीरिया छोड़कर मॉस्को चले गए थे।
🇸🇾 ⚖️ Syria court sentences ousted ruler Bashar al-Assad to death in absentia
The court convicted Assad of atrocities committed during the country’s civil war. It is the first such ruling under transitional leaders who ousted Assad in 2024, vowing to provide justice and… pic.twitter.com/dzh423IT3X
— AFP News Agency (@AFP) August 11, 2026
इसी मामले में बशर अल-असद के ममेरे भाई अतीफ नजीब को भी मौत की सजा दी गई है। अतीफ को जनवरी 2025 में गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को उसे कैदी की वर्दी में अदालत लाया गया। सुरक्षा के बीच उसे पिंजरेनुमा घेरे में कोर्ट में पेश किया गया।
अतीफ नजीब पर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का आरोप
अतीफ नजीब सीरियाई सेना में ब्रिगेडियर जनरल रह चुके हैं। साल 2011 में वह दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा शाखा के प्रमुख के पद पर तैनात थे। उन्हें असद सरकार के उन प्रमुख अधिकारियों में गिना जाता है, जिनके खिलाफ गृहयुद्ध के दौरान की गई कार्रवाई को लेकर मुकदमा चलाया गया।
अतीफ पर आरोप था कि उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद दारा में शुरू हुआ विरोध तेजी से दूसरे इलाकों तक फैल गया। देखते ही देखते यह आंदोलन बड़े संघर्ष में बदल गया और सीरिया लंबे गृहयुद्ध में फंस गया।
करीब 14 साल चले इस संघर्ष में लगभग 5 लाख लोगों की मौत हुई। लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरे इलाकों या देशों में शरण लेनी पड़ी।
🇸🇾
Syrie: Le cousin maternel de Bachar al-Assad, qui dirigeait la branche de la sécurité politique à Deraa au début de la révolution syrienne en 2011, a été condamné à mort par le tribunal après avoir été reconnu coupable de meurtres, d’enlèvements et d’actes de torture commis… https://t.co/bcL2RZXeIY pic.twitter.com/jF5pSrlFsh— Restitutor Orientis 🇱🇮 (@restitutorII) August 11, 2026
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असद के खिलाफ पहला आपराधिक फैसला
बशर अल-असद के खिलाफ यह किसी आपराधिक मामले में आया पहला फैसला बताया जा रहा है। दिसंबर 2024 में विद्रोही गुटों ने राजधानी दमिश्क पर कब्जा कर असद सरकार को सत्ता से हटा दिया था।
इसके साथ ही साल 1971 से सीरिया पर शासन कर रहे असद परिवार के करीब 53 साल पुराने शासन का अंत हो गया। सरकार गिरने से ठीक पहले बशर अल-असद अपने परिवार के साथ सीरिया छोड़कर रूस चले गए। रूस ने उन्हें शरण दी हुई है।
माहेर अल-असद भी देश छोड़ चुके हैं। दोनों के सीरिया में मौजूद नहीं होने के कारण अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाकर फैसला सुनाया।
असद के बाद अहमद अल-शरा की सरकार
असद सरकार के पतन के बाद विद्रोही नेता अहमद अल-शरा के नेतृत्व में नई सरकार बनी। नई सत्ता ने असद शासन के दौरान हुई हत्याओं, अत्याचारों और लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार की जांच शुरू की।
इसी जांच के तहत पूर्व शासन के कई अधिकारियों की भूमिका सामने लाई जा रही है। बशर अल-असद, माहेर अल-असद और अतीफ नजीब के खिलाफ हुई कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
रूस, ईरान और हिजबुल्लाह के समर्थन के बावजूद कैसे गिरी असद सरकार?
सीरिया में गृहयुद्ध के दौरान बशर अल-असद को रूस, ईरान और हिजबुल्लाह का मजबूत समर्थन हासिल था। इन सहयोगियों की सैन्य और राजनीतिक मदद के कारण असद कई वर्षों तक सत्ता में बने रहे।
लेकिन 2024 में हालात तेजी से बदलने लगे। इजराइल के लगातार हमलों के कारण हिजबुल्लाह और ईरान समर्थित गुट कमजोर हुए। वहीं रूस भी यूक्रेन युद्ध में व्यस्त था, जिसके चलते सीरिया में पहले जैसी सैन्य मदद देना उसके लिए मुश्किल हो गया।
इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए तुर्किये के समर्थन वाले विद्रोही गुटों ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब से बड़ा हमला शुरू किया। विद्रोहियों ने तेजी से कई शहरों पर कब्जा किया और कुछ ही दिनों में राजधानी दमिश्क तक पहुंच गए।
8 दिसंबर 2024 को खत्म हुआ असद शासन
8 दिसंबर 2024 को विद्रोहियों के दमिश्क पहुंचने के साथ ही बशर अल-असद की सरकार गिर गई। इसके बाद असद अपने परिवार के साथ रूस चले गए।
सरकार के पतन के साथ ही सीरिया में असद परिवार का पांच दशक से ज्यादा पुराना शासन खत्म हो गया। अब करीब डेढ़ दशक तक चले गृहयुद्ध के दौरान हुए कथित अपराधों को लेकर पूर्व शासन के नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मंगलवार को सुनाया गया फैसला इसी प्रक्रिया में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि बशर और माहेर अल-असद रूस में हैं, इसलिए उनके खिलाफ सुनाई गई मौत की सजा को लागू करना आगे की कानूनी और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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