Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच विधायी कामकाज जारी रहा। लोकसभा में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजु ने कहा कि गृहमंत्री सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि गृहमंत्री जब सदन में आएं तो विपक्ष भागे नहीं, उन्हें सुनना पड़ेगा।
लोकसभा में शुरुआत से ही हंगामा
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन करीब एक मिनट बाद ही पीठासीन अधिकारी एनके प्रेमचंद्रन ने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। इस दौरान विपक्षी सांसद पोस्टर लेकर नारेबाजी करते रहे।
दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए।
हंगामे के बीच चार विधेयक पेश
हंगामे के बावजूद सरकार ने विधायी कामकाज आगे बढ़ाया।
- अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 – अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया।
- खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 – जी. किशन रेड्डी ने पेश किया।
- केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 – नित्यानंद राय ने पेश किया।
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 – मुरलीधर मोहोल ने पेश किया।
हंगामा जारी रहने के कारण सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
रिजिजु का विपक्ष पर तंज
दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी नारेबाजी जारी रही। इसी दौरान किरेन रिजिजु ने विपक्ष से कहा कि गृहमंत्री सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब गृहमंत्री सदन में आएं तो विपक्ष को भागना नहीं चाहिए और उनका जवाब सुनना पड़ेगा।
Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju said that the Government is ready for a detailed discussion in Parliament regarding the recent student protests and related issues. Assuring that Home Minister @AmitShah is ready to respond to every point, @KirenRijiju stated that… pic.twitter.com/U76o3BbtmG
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 10, 2026
हंगामे के बावजूद अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 लोकसभा से पारित हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार, 11 अगस्त को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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राज्यसभा में भी हंगामा
राज्यसभा में भी सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। शून्यकाल के दौरान हंगामा बढ़ने पर सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया गया।
12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर प्रश्नकाल हुआ, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पास
दोपहर 2 बजे के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई। उपसभापति हरिवंश ने सदन को 15 मिनट के लिए और स्थगित कर दिया।
दोपहर 2:15 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 पेश किया। इसका उद्देश्य बैंक रिकॉर्ड से जुड़े करीब 135 साल पुराने कानून की जगह नया कानूनी ढांचा तैयार करना है। इसमें डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग रिकॉर्ड को अदालतों में साक्ष्य के तौर पर स्वीकार करने का प्रावधान है। चर्चा के बाद विधेयक राज्यसभा से पारित हो गया।
इसके बाद वित्त मंत्री ने कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।
संजय सिंह ने उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने विधेयक का विरोध करते हुए सरकार से इसके प्रावधानों और संभावित प्रभावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए और विपक्ष की बात भी सुनी जानी चाहिए।
हंगामे के बीच चलता रहा विधायी कामकाज
सोमवार को संसद के दोनों सदनों में तस्वीर लगभग एक जैसी रही। विपक्ष नारेबाजी करता रहा, जबकि सरकार हंगामे के बीच विधेयक पेश करती और पारित कराती रही।
लोकसभा में अधिकरण सुधार विधेयक पारित हुआ, जबकि राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक पारित किया गया और कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक पर चर्चा हुई।
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