Sonia Gandhi Vande Mataram Controversy: भाजपा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया है।
भाजपा का दावा है कि कार्यक्रम में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया जा रहा था। शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी असहज नजर आईं और उन्होंने कथित तौर पर गीत रोकने का इशारा किया। भाजपा ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी भी पूरे गायन के दौरान परेशान दिखाई दिए।
हालांकि, कांग्रेस ने भाजपा के इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी वंदे मातरम् को रोकने का इशारा नहीं कर रही थीं, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगाने को कह रही थीं।
सोनिया गांधी को ‘वंदे मातरम्’ की कुछ शुरुआती पंक्तियों के बाद ही इसे लेकर असहजता होने लगी। उन्होंने गीत रोकने का संकेत दिया। राहुल गांधी भी पूरे गायन के दौरान और राष्ट्रगीत समाप्त होने के बाद तक परेशान दिखे।
यही तो कांग्रेस की पुरानी दुविधा है — गांधी परिवार को भारत की… pic.twitter.com/q68oN6HNxb
— BJP (@BJP4India) August 15, 2026
आर.पी. सिंह बोले- वंदे मातरम् के अपमान के लिए कांग्रेस देश से माफी मांगे
वायरल वीडियो में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को वंदे मातरम् गाते हुए देखे जाने के मामले पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह साफ दिखाई दे रहा है कि सोनिया गांधी इस बात से नाराज हैं कि वंदे मातरम् क्यों गाया जा रहा है और पूरा वंदे मातरम् क्यों गाया जा रहा है। दरअसल, ये लोग अपने वोट बैंक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने वंदे मातरम् का अपमान किया है। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।”
Delhi: On the viral video of CPP Chairperson Sonia Gandhi singing Vande Mataram, BJP National Spokesperson R.P. Singh says, “It is evident that she is irritated about why Vande Mataram is being sung and why the entire Vande Mataram is being sung. In fact, they can go to any… pic.twitter.com/wgN7ClRXxD
— IANS (@ians_india) August 15, 2026
सुधांशु त्रिवेदी बोले- कांग्रेस वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को स्वीकार नहीं कर पाई
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित व्यवहार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “उनके इस असामान्य और आपत्तिजनक व्यवहार से ऐसा लगता है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने अभी तक वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को स्वीकार नहीं किया है। इसके गायन के दौरान वे असावधान नजर आए। हम इस नकारात्मक व्यवहार की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि राष्ट्रगीत के इस अपमान के लिए कांग्रेस देश से माफी मांगे।”
VIDEO | Delhi: BJP MP Sudhanshu Trivedi says, “According to their peculiar and offensive behaviour, it seems Sonia Gandhi, Rahul Gandhi and Mallikarjun Kharge have not yet accepted the full version of Vande Mataram. They were inattentive during its rendition. We condemn this… pic.twitter.com/ZqxD8Hasm7
— Press Trust of India (@PTI_News) August 15, 2026
VHP ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कांग्रेस नेताओं पर वंदे मातरम् के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वंदे मातरम् का अपमान कर पूरे देश का अपमान किया है। पूरे देश का सिर शर्म से झुक गया है। वे तीन मिनट तक भी खड़े नहीं रह सके…”
Gurugram, Haryana: VHP Joint General Secretary Dr Surendra Jain says, “In a meeting held at the Congress office, Congress Parliamentary Party Chairperson Sonia Gandhi, Congress President Mallikarjun Kharge, and Leader of the Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi have insulted… pic.twitter.com/cBpr9JAKTZ
— IANS (@ians_india) August 15, 2026
कांग्रेस बोली- पूरा वंदे मातरम् गाया गया
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय पर वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया गया था और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे। इसी वजह से सोनिया गांधी वहां मौजूद लोगों से उनके लिए कुर्सी लाने के लिए कह रही थीं।
कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी के इशारे को वंदे मातरम् रोकने की कोशिश के तौर पर पेश करना गलत है। पार्टी के मुताबिक, गीत निर्धारित तरीके से पूरा हुआ।
Delhi: On the viral video of CPP Chairperson Sonia Gandhi during the singing of Vande Mataram, Congress MP Jairam Ramesh says, “There was no attempt to stop it because the Congress president had been standing for a long time, and Sonia Gandhi was saying, ‘Bring a chair for her… pic.twitter.com/k3T1DDunVb
— IANS (@ians_india) August 15, 2026
1937 से कांग्रेस के कार्यक्रमों में गाया जाता रहा है वंदे मातरम्
जयराम रमेश ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस की पुरानी परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम् के इस्तेमाल को लेकर चर्चा हुई थी।
इस बैठक में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू और सी. राजगोपालाचारी जैसे प्रमुख नेता मौजूद थे।
रमेश के अनुसार, रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद यह तय किया गया था कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् की शुरुआती पंक्तियां गाई जाएंगी। इसके बाद कांग्रेस के अधिवेशनों और दूसरे कार्यक्रमों में इसी परंपरा का पालन होता रहा।
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वंदे मातरम् को लेकर पहले भी हो चुका है विवाद
वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव पहले भी सामने आता रहा है। भाजपा कांग्रेस पर राष्ट्रगीत को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाती रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वंदे मातरम् की शुरुआती पंक्तियां गाने की परंपरा ऐतिहासिक फैसले के तहत चली आ रही है।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर संसद में भी इस मुद्दे पर विशेष चर्चा हुई थी। उस दौरान भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के तहत राष्ट्रगीत के कुछ हिस्सों को हटाने का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए ऐतिहासिक परिस्थितियों का हवाला दिया था।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था वंदे मातरम्
भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। इसे 7 नवंबर 1875 को लिखे जाने की बात कही जाती है। बाद में 1882 में यह उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रकाशित हुआ।
1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने वंदे मातरम् गाया था। इसके बाद यह स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति और अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया।
‘वंदे मातरम्’ संस्कृत का वाक्यांश है, जिसका अर्थ ‘हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं’ होता है।
स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक बना हुआ है महत्व
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम् देशवासियों के बीच राष्ट्रीय चेतना जगाने वाला प्रमुख नारा बन गया था। स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ आंदोलन के दौरान इसका व्यापक इस्तेमाल किया।
आज भी राष्ट्रीय कार्यक्रमों और राजनीतिक आयोजनों में वंदे मातरम् का इस्तेमाल होता है। इसी वजह से स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में इसे लेकर सामने आया विवाद राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, विवाद सोनिया गांधी के एक इशारे की अलग-अलग व्याख्या को लेकर है। भाजपा का कहना है कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् का गायन रोकने का संकेत दिया, जबकि कांग्रेस का दावा है कि वह मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगाने के लिए इशारा कर रही थीं।
कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम में वंदे मातरम् पूरा गाया गया और इसे बीच में नहीं रोका गया। ऐसे में फिलहाल भाजपा के आरोप और कांग्रेस की सफाई के बीच यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।
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