Jharkhand 44 Recruitment Exams Cancelled: झारखंड में लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने 2014 से अब तक आयोजित 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश जारी किया है। सरकार के मुताबिक इन परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं।
सरकार की ओर से जारी आठ अलग-अलग अधिसूचनाओं में बताया गया है कि रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के साथ-साथ आउटसोर्स एजेंसी TSR Data Processing Pvt. Ltd. (TDPL) द्वारा आयोजित परीक्षाएं भी शामिल हैं।
किन पदों की परीक्षाएं रद्द हुईं?
रद्द की गई परीक्षाओं में कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों की भर्ती शामिल है। इनमें प्रमुख रूप से।
| क्रं. संख्या | परीक्षाएं रद्द |
| 1. | ड्रग इंस्पेक्टर |
| 2. | असिस्टेंट प्रोफेसर |
| 3. | डिप्टी कलेक्टर |
| 4. | डेंटल डॉक्टर |
| 5. | असिस्टेंट इंजीनियर |
| 6. | सिविल जज |
| 7. | अतिरिक्त लोक अभियोजक |
| 8. | फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर |
| 9. | असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट |
| 10. | सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के लेक्चरर |
| 11. | सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर |
इसके अलावा कई प्रशासनिक और तकनीकी पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।
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अनियमितताओं पर सरकार का बड़ा एक्शन
सरकार ने कहा है कि JPSC और JSSC से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अनुरोध किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों आयोगों में आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ (विजिलेंस सेल) बनाने का फैसला भी लिया गया है, ताकि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों को रोका जा सके।
वहीं, वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में JPSC और JSSC में सुधार के लिए गठित कमेटी को अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर सरकार को सौंपनी होगी।
JSSC CGL भी हो चुकी है रद्द
इससे पहले सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने JSSC कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया था। यह फैसला आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल था।
इसके अलावा TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उनके जारी परिणामों को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
यानी 2014 से अब तक की भर्ती प्रक्रिया की जांच और कार्रवाई का दायरा अब काफी बड़ा हो गया है। 44 परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले से हजारों अभ्यर्थियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
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