PM Modi SRCC Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम मेट्रो से सफर कर श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। कॉलेज के 100वें स्थापना दिवस के मौके पर उन्होंने जेन-जी छात्रों को करीब 48 मिनट तक संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने SRCC से अपने पुराने जुड़ाव, कॉलेज के पूर्व छात्रों, भारत की आर्थिक प्रगति, स्टार्टअप, UPI, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भर भारत का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने विपक्ष और सरकार की नीतियों के आलोचकों पर भी निशाना साधा।
SRCC के पूर्व छात्रों को बताया ‘OG’
पीएम मोदी ने कहा कि SRCC के पूर्व छात्र बेहद खास रहे हैं। जेन-जी की भाषा में कहें तो यहां के पूर्व छात्र ‘OG’ (Original Gangsters) हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने दुनिया भर में SRCC का नाम रोशन किया और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई।
मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी SRCC में पढ़ाई की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जेटली से शायद ही कोई ऐसी मुलाकात हुई हो, जिसमें उन्होंने SRCC के दिनों का कोई किस्सा न सुनाया हो। कई बार वह एक ही घटना बार-बार सुनाते थे।
उन्होंने कहा कि आज भी उनकी टीम का हिस्सा संजय सान्याल SRCC के पूर्व छात्र हैं। इसके अलावा उनके कई अन्य सहयोगी भी इस कॉलेज में पढ़ चुके हैं।
पीएम ने कहा कि SRCC ने सिर्फ अर्थशास्त्र की दुनिया के लोग ही नहीं दिए, बल्कि यहां से कलाकार, राजनेता, वकील और जज समेत हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले लोग निकले हैं।
#WATCH | Delhi: At the centenary celebrations of Shri Ram College of Commerce (SRCC), Prime Minister Narendra Modi says, “The alumni of SRCC have also been very special. In your language, I would say the alumni here are the OGs. They have taken the name of SRCC across the world… pic.twitter.com/MvPvz2kGNi
— ANI (@ANI) September 5, 2026
‘SRCC कहना ही अपने आप में फ्लेक’
पीएम मोदी ने कॉलेज की प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए कहा, “आज भी जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में कोई पूछता है कि आप किस कॉलेज से हैं, तो ‘SRCC’ कहना ही अपने आप में काफी होता है। सिर्फ ‘SRCC’ कह देना ही अपने आप में एक फ्लेक है।”
उन्होंने कहा कि कॉलेज के नाम के साथ ही उसकी पहचान और प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है।
#WATCH | Delhi: At the centenary celebrations of Shri Ram College of Commerce (SRCC), Prime Minister Narendra Modi says, “…Even today, when someone at Delhi University asks which college you are from, saying “SRCC” speaks for itself. Simply saying “SRCC” is a flex in itself.” pic.twitter.com/yPzOtjfSoC
— ANI (@ANI) September 5, 2026
2013 का SRCC भाषण भी किया याद
प्रधानमंत्री ने 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए SRCC में दिए अपने भाषण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि 13-14 साल बाद भी वह भाषण चर्चा में है और नई पीढ़ी भी उसे देख रही है।
मोदी ने उस समय दिए ‘आधे गिलास’ के उदाहरण को याद करते हुए कहा कि किसी को गिलास आधा खाली दिखाई देता है, किसी को आधा भरा और किसी को आधा पानी और आधा हवा से भरा हुआ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सही नजरिया हर परिस्थिति में उम्मीद देखने का है।
‘नाराज फूफा’ हर काम पर पूछते हैं- इसकी क्या जरूरत है
प्रधानमंत्री ने विपक्ष और सरकार की नीतियों के आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कुछ लोग हर चीज में ‘नाराज फूफा’ बन जाते हैं। उनका एक ही डायलॉग होता है- “इसकी क्या जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा बनाने का काम हुआ, तब भी सवाल उठाया गया कि इसकी जरूरत क्या है। इसी तरह बुलेट ट्रेन, UPI, चिप और नई संसद को लेकर भी सवाल उठाए गए।
मोदी ने कहा कि जब देश के लिए जान देने वाले सेना के जवानों का मेमोरियल बनाया गया, तब भी ऐसे लोग सवाल लेकर सामने आ गए। उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसे लोगों को जवाब दिया है।
‘दिमागी नक्सल’ पर भी PM मोदी का निशाना
प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए अपने भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उस दिन ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
मोदी ने कहा कि उन्होंने ऐसे लोगों के लिए ‘होम्योपैथी की गोली’ दी थी। उनके मुताबिक होम्योपैथी का इलाज बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने यह गोली दी, सारे ‘दिमागी नक्सल’ बाहर आने लगे और जनता अब उनका असली रंग देख रही है।
2013 से भारत काफी आगे आया: मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 के मुकाबले आज भारत आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी आगे आ चुका है। उन्होंने पुराने दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बैंकिंग संकट, मुंबई आतंकी हमले और केदारनाथ आपदा का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान भी कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान युद्ध जैसी चुनौतियां आईं, लेकिन भारत इन संकटों से उबरकर आगे बढ़ा।
‘2013 में फ्रेजाइल फाइव, आज दुनिया की टॉप-5 इकोनॉमी’
मोदी ने कहा कि 2013 में दुनिया भारत को ‘फ्रेजाइल फाइव’ में गिनती थी, जबकि आज भारत दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
उन्होंने हाल की आर्थिक वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कंज्यूमर डिमांड और स्टील उत्पादन में वृद्धि का भी उल्लेख किया।
मोदी ने कहा कि जिन लोगों को 2013 में गिलास आधा खाली दिखाई देता था, उन्हें आज भी गिलास खाली ही दिखाई देगा।
‘आज युवा स्टार्टअप और स्पेस के सपने देख रहा’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत का युवा बड़े सपने देख रहा है। युवा स्टार्टअप बनाने, यूनिकॉर्न खड़ा करने और स्पेस से जुड़ा स्टार्टअप शुरू करने की बात करता है।
उन्होंने कहा कि 2013 से पहले के युवा इस तरह के सपने नहीं देख पाते थे। मोदी ने युवाओं से कहा कि जब भारतीय दुनिया की टॉप कंपनियों को लीड कर सकते हैं तो दुनिया की बड़ी कंपनियां भारतीय क्यों नहीं हो सकतीं।
‘मैं छोटे और आसान लक्ष्य रखने वाला आदमी नहीं’
पीएम मोदी ने कहा कि वह छोटे और आसान लक्ष्य रखने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने मेड इन इंडिया का उदाहरण देते हुए कहा कि शुरुआत में इसका विरोध हुआ, लेकिन आज दुनिया के बड़े स्मार्टफोन भारत में बन रहे हैं और देश मोबाइल एक्सपोर्ट में आगे बढ़ रहा है।
डिफेंस सेक्टर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले भारत रक्षा उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था। अब देश में रक्षा उत्पादन बढ़ा है और रक्षा निर्यात भी 2014 के मुकाबले काफी बढ़ चुका है।
जनधन योजना से फिनटेक तक का सफर
मोदी ने जनधन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले गांवों और छोटे शहरों के लोगों को बैंक खाता खुलवाने में परेशानी होती थी। इसी समस्या को देखते हुए जनधन योजना शुरू की गई।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में करोड़ों नए बैंक खाते खुले और आज भारत फिनटेक के एक अलग दौर में पहुंच चुका है।
भारत में नए बाजार खुलने से युवाओं को अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। उनके मुताबिक नए बाजार खुलने से भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ चुनौतियों से निपटने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया के लिए नए अवसर पैदा करने वाला देश बन रहा है।
युवाओं को दिलाया विकसित भारत का संकल्प
संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने युवाओं से आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा..
“नाव हमारी हो, नाविक भी हमारा हो।
लहरों पर विजय लिखे, वो हौसला हमारा हो।
उड़ान हमारी हो, हवाओं से टकराए वो जज्बा हमारा हो।
सपना हमारा हो, संकल्प हमारा हो।
आत्मनिर्भर भारत का संकल्प हमारा हो।
विकसित भारत की राह में उठता हर कदम हमारा हो।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें देश और युवाओं पर पूरा भरोसा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीय मिलकर विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करेंगे। मोदी ने कहा कि आने वाले समय में भारत रिसर्च और इनोवेशन का हब बनेगा, देश का अपना स्पेस स्टेशन होगा और भारत एक दिन ऐसे ओलंपिक का आयोजन करेगा जिसे पूरी दुनिया देखेगी।
Delighted to attend the centenary celebrations of Shri Ram College of Commerce (SRCC) at Delhi University.
Brought back several memories of my 2013 address at the same college.
For a hundred years, SRCC has nurtured bright minds and contributed immensely to nation-building.… pic.twitter.com/TIThccN7DM
— Narendra Modi (@narendramodi) September 5, 2026






