Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच दार्चुला जिले में एक बार फिर लैंडस्लाइड हुआ है। शुक्रवार को हुए भारी भूस्खलन के कारण चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। नदी का प्रवाह रुकने से आसपास के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
Today, a large landslide has partially blocked the Chaulani River in Api Himal Rural Municipality, Darchula District, Sudurpashchim Province, Nepal.
Authorities are urging residents downstream to remain alert amid the risk of sudden flooding. pic.twitter.com/7UuxGPsDjg
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) September 4, 2026
त्रिशूली नदी से 3 भारतीयों का रेस्क्यू
नेपाल में 26 अगस्त से जारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार चल रहा है। इसी दौरान त्रिशूली बाजार इलाके से 3 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें एक 5 साल का बच्चा भी शामिल है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, अब तक 169 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 275 भारतीय अभी भी लापता हैं। भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए नेपाल में राहत और बचाव एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित त्रिशूली बाजार इलाके से तीन और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है।
इनमें पांच साल का एक बच्चा भी शामिल है। इसके साथ ही सुरक्षित निकाले गए भारतीयों की संख्या 169 हो गई है। इसके अलावा 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं।… https://t.co/SMPXyhk97n pic.twitter.com/T2JA9K42Rk
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) September 5, 2026
नेपाल में मौत का आंकड़ा 1300 के पार
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 हजार से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
राहत एवं बचाव दलों ने अब तक करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आपदा से 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत सामग्री पहुंचाने में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं।
भारत ने भेजी 95 टन राहत सामग्री
आपदा के बाद भारत लगातार नेपाल की मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अब तक करीब 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी है। यह सामग्री 7 विमानों के जरिए पहुंचाई गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके बाद भारत की ओर से राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेजी गई।
भारत ने राहत-बचाव अभियान में मदद के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है।
चीन के रास्ते 1,907 भारतीय नेपाल पहुंचे
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन से 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। चीन के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अब कोई भारतीय यात्री फंसा नहीं है।
35 मोटरेबल और 45 सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त
बाढ़ से नेपाल के कई हिस्सों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, 35 मोटरेबल ब्रिज और 45 सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें भी बाढ़ की चपेट में आई हैं।
दार्चुला में चौलानी नदी पर लैंडस्लाइड के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। नदी का रास्ता बाधित होने से निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। ऐसे में अधिकारियों ने लोगों से नदी और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
भारत ने भी साफ किया है कि नेपाल सरकार की जरूरत के अनुसार राहत और बचाव के लिए आगे भी सहायता जारी रखी जाएगी। इसमें फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य जरूरी सामान भेजना शामिल है।






