CJP Protest in Delhi: मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से शनिवार, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बुलाया गया प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच नहीं हो सका। शाम 5 बजे तक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाए। पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को सुबह ही दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया।
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए गए। कई जगहों पर तीन से पांच लेयर की बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे लोगों को भी अलग-अलग स्थानों पर रोककर हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की कुछ घटनाएं भी सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने कुछ जगहों पर बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। आकाशवाणी भवन के पास पत्थर फेंके जाने की घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने दिल्ली के अलावा मुंबई और पुणे में भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने प्रदर्शन कैसे रोका? 7 बड़ी वजहें
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी प्रमुख बातें।
1. 38 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना बनाई गई थी। 8 से 12 अक्टूबर तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 221 कंपनियां, यानी करीब 23 हजार जवान बुलाए गए। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के कम से कम 15 हजार कर्मियों की तैनाती की योजना थी। इस तरह कुल संख्या करीब 38 हजार तक पहुंचती है।
2. ट्रेनों और बसों से आने वालों पर नजर
प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए परिवहन के साधनों पर भी निगरानी रखी गई। खबर में दी गई जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक दिल्ली आने वाली 250 ट्रेनें रद्द की गईं। बसों की बुकिंग की जांच भी शुरू की गई, ताकि दिल्ली आने वाले लोगों की संख्या और उनकी यात्रा की जानकारी मिल सके।
3. छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने की अपील
यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रमुखों के साथ-साथ पेइंग गेस्ट (PG) आवास संचालकों से संपर्क किया गया। उनसे छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने की अपील की गई, ताकि बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर तक न पहुंच सकें।
4. 45 मेट्रो स्टेशन बंद, 10 फीट ऊंचे बैरिकेड
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला किया गया। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर करीब 10 फीट ऊंचे बैरिकेड लगाए गए। इसके अलावा आंसू गैस से निपटने के लिए वाहन भी तैनात किए गए।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मुताबिक, 9 अक्टूबर रात 9 बजे से बंद किए गए 45 मेट्रो स्टेशन 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक बंद रहने थे। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से स्थिति की समीक्षा किए जाने की बात कही गई।
5. दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ाई गई जांच
दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई। उत्तर प्रदेश से सटे पूर्वी दिल्ली और शाहदरा के इलाकों के साथ राजस्थान की ओर से आने वाले मार्गों पर भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर बैरिकेड और सड़क पर वाहनों की रफ्तार रोकने वाले स्पाइक स्ट्रिप्स लगाए गए।
6. बॉडीकैम और अस्थायी हिरासत केंद्र
प्रदर्शन के दौरान होने वाली घटनाओं को रिकॉर्ड करने के लिए अग्रिम मोर्चे पर तैनात पुलिसकर्मियों को 150 बॉडीकैम दिए गए। हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए स्टेडियमों में अस्थायी हिरासत केंद्र तैयार किए गए।
7. CJP नेताओं को एयरपोर्ट पर ही हिरासत में लिया
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को भी जंतर-मंतर पहुंचने से पहले अलग-अलग जगहों पर रोका गया। पार्टी के प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक लगाने की मांग उठाना था।
45 मेट्रो स्टेशन बंद, 10 फीट ऊंचे बैरिकेड
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखा गया। DMRC के मुताबिक, शुक्रवार रात 9 बजे से बंद किए गए ये स्टेशन शनिवार, 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद रहने थे। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर करीब 10 फीट ऊंचे बैरिकेड लगाए गए। इसके अलावा आंसू गैस के वाहन भी तैनात किए गए।
Service Update
The 45 Metro stations, closed since 09:00 PM on Friday due to security reasons will continue to remain closed till 10:00 PM tonight (10th October). Further the situation will be reviewed by the security agencies and necessary updates shall be shared accordingly.
— Delhi Metro Rail Corporation (@OfficialDMRC) October 10, 2026
पवन खेड़ा बोले- पुलिस गुरुद्वारे में घुस गई
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “आप देख रहे हैं कि पिछले पांच दिनों से हमारे साथ क्या हो रहा है। वे इसे और आगे बढ़ा रहे हैं। आज उन्होंने वकीलों को नहीं बख्शा, पत्रकारों को नहीं बख्शा, किसी को नहीं बख्शा। यह आपातकाल है। पुलिस गुरुद्वारे में घुस गई।”
Chennai, Tamil Nadu: Congress MP Pawan Khera says, “You are seeing what has been happening to us for the last five days. They are taking it forward. Today, they didn’t spare lawyers, they didn’t spare journalists, they didn’t spare anyone. This is an emergency! Police entered a Gurdwara—what is this? What is this if not an emergency”
— IANS (@ians_india) October 10, 2026
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा- देश में तानाशाही का माहौल
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस लोगों को हिरासत में ले रही है, उससे पूरे देश में तानाशाही का माहौल बन रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस तरह का लोकतंत्र चलाया जा रहा है और पुलिस लोगों के घरों में जाकर उन्हें क्यों परेशान कर रही है।
#WATCH | Jhajjar, Haryana: Congress MP Deepender Hooda says, “The way the police are detaining people, an atmosphere of dictatorship is being created across the country. What kind of democracy is this that you are running? The police are going to people’s homes and harassing them. This has been going on for the past three or four days. They even came to my own residence yesterday to detain me; they arrived at my MP residence for that purpose… This is the state of affairs in the country, and such actions are continuing even today. We are witnessing a new form of democracy, and it is certain that a long battle will have to be fought to save democracy in this country. The government is operating in a dictatorial manner, and things have now reached an extreme. The Congress party’s protests will continue.”
— ANI (@ANI) October 10, 2026
ममता बनर्जी और डोला सेन पुलिस हिरासत में, बस में बैठाकर ले गई पुलिस
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की नेता डोला सेन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों को पुलिस बस में बैठाकर ले जाया गया। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई इस कार्रवाई में ममता बनर्जी को पुलिस बस में बैठाकर ले जाते हुए देखा गया।
VIDEO | Delhi: Former West Bengal Chief Minister and TMC chief Mamata Banerjee, along with party leader Dola Sen, detained during protest against CEC Gyanesh Kumar.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/IeBQraEBoZ
— Press Trust of India (@PTI_News) October 10, 2026
राहुल गांधी बोले- प्रदर्शन करते रहिए
राहुल गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमने कहा है भारत के साथ न्याय होगा। प्रदर्शनकारियों से मैं कहूंगा कि प्रदर्शन करते रहिए, हम देश को बदलेंगे।”
I’ve been fighting Narendra Modi and the RSS for over a decade now. I understand them like you would understand your opponent – inside out, like the back of my hand.
The core characteristic of these people is cowardice.
Narendra Modi, Amit Shah, Mohan Bhagwat, Gyanesh Kumar and Ajit Doval, the villains of this story, are slowly finding the space closing around them. We are closing that space.
Mr. Modi, do whatever you want. Call out all the police: 10,000, 20,000, 50,000, whatever you want.
Arrest all the leaders. Arrest all the young people. Arrest us all.
We are surrounding you, and we are not going to back down. Mark my words: we already have the information we need.
We are going to defend our Constitution. We are going to protect the voice of the Indian people. And we are going to ensure that what was done to India over the last 10-15 years will never, ever be done again.
Youth of India, I am proud of you. Keep protesting. We are standing with you.
We are going to ensure that this regime and the people who have attacked our Constitution are defeated.
मैं नरेंद्र मोदी, RSS और इनसे जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ एक दशक से भी ज़्यादा समय से लड़ रहा हूँ। मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूँ, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है। मैं इन्हें अंदर तक जानता हूँ, इनकी हर चाल से वाक़िफ़ हूँ।
इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान है – कायरता।
नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजीत डोभाल – इस कहानी के खलनायक – अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं। इनके चारों तरफ़ से दायरा सिमट रहा है।
जो करना है, कर लीजिए। जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए – 10 हज़ार, 20 हज़ार, 50 हज़ार, जितनी चाहें बुला लीजिए।
सारे नेताओं को गिरफ़्तार कर लीजिए। सारे युवाओं को गिरफ़्तार कर लीजिए। हम सबको गिरफ़्तार कर लीजिए।
घबराइये मत – हम आपको चारों तरफ़ से घेर रहे हैं, और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मेरी बात याद रखिए – हमें जो जानकारी चाहिए, वह हमारे पास पहले से है।हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे। हम हिंदुस्तान की जनता की आवाज़ की हिफ़ाज़त करेंगे। और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में हिंदुस्तान के साथ जो हुआ है, वह दोबारा कभी, किसी भी सूरत में न हो।
हिंदुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है। अपना विरोध जारी रखिए। हम आपके साथ खड़े हैं।
हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस सरकार और हमारे संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 10, 2026
सोनम वांगचुक बोले- फिर से प्रदर्शन करूंगा
सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने नहीं सोचा था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शाम तक सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया गया तो वह फिर से प्रदर्शन करेंगे। उनके मुताबिक, यह भूख हड़ताल या धरने के रूप में हो सकता है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी बात मान लेगी।
INDIA IN A STATE OF UNDECLARED EMERGENCY…
Yesterday when I posted a message appealing for unity & peace in today’s protest I had never imagined that the biggest democracy in the world would be under an undeclared EMERGENCY.
I was happy there were so many leaders to lead the movement, but I now learn that they have all been arrested. I hope those arrested will be released soon. I will be compelled to consider an Anshan Fast or Padyatra March if they are not released by tomorrow.
#JantarMantar #protest #CJP #CEC #sonamwangchuk— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) October 10, 2026
लेफ्ट नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने सरकार पर साधा निशाना
सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि लोगों में अब डर नहीं है। उनके मुताबिक, जून-जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों में जो थोड़ा-बहुत डर बचा था, वह भी अब खत्म हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से डरी हुई है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने में लगी है।
मुंबई में 400 और पुणे में 100 तक प्रदर्शनकारी हिरासत में
दिल्ली में प्रदर्शन पर कार्रवाई के बीच मुंबई और पुणे में भी हिरासत की खबरें सामने आईं।
- मुंबई: अगस्त क्रांति मैदान में दिल्ली के प्रदर्शन के समर्थन में उतरे करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें तुषार गांधी के संगठन ‘हम भारत के लोग’ के सदस्य और सीपीएम कार्यकर्ता शामिल थे। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी बिना अनुमति मैदान में जमा हुए थे।
- पुणे: पुलिस ने करीब 80 से 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर लश्कर पुलिस स्टेशन पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए छात्रों को कुछ घंटों बाद रिहा किया जाना था।
नासिक में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मशाल जुलूस
महाराष्ट्र के नासिक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में मशाल जुलूस निकाला गया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी, CJP, ISIF और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और SIR का विरोध किया।
Nashik, Maharashtra: A torchlight march was held in Nashik on October 10 by various political parties and organisations demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar and opposing the Special Intensive Revision (SIR) process. Workers and supporters of the Congress, Communist Party, CJP, ISIF and various student organisations participated in the protest
— IANS (@ians_india) October 10, 2026
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी ने क्या बताया?
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक पुलिसकर्मी ने दावा किया कि हनुमान मंदिर के पास सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लेने के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने उसका हाथ मरोड़ दिया। पुलिसकर्मी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी।






