CJP AISA Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने गुरुवार को दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने कहा कि अगर सरकार की बर्बरता जारी रही, तो सरकार बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ विरोध करना कोई अपराध नहीं है और देश में तानाशाह सरकार नहीं चल सकती।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल हुए। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग उठाई गई।
प्रशांत भूषण ने कहा कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई सिविल सोसायटी और युवाओं के नेतृत्व में लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भी कई बार आंदोलन करके सरकार बदली है। ऐसे में सरकार के खिलाफ विरोध करना कोई अपराध नहीं है।
प्रकाश राज बोले- हर जिले और गांव को जंतर-मंतर बनाएंगे
अभिनेता प्रकाश राज ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “जो बचपन में मगरमच्छ से नहीं डरा, वह आज कॉकरोच से डर गया।” उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने की कोशिश की, लेकिन अब पूरे देश को जंतर-मंतर बनाने का फैसला किया गया है।
प्रकाश राज ने कहा कि देश के 200 संगठन एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को देशभर में आगे बढ़ाया जाएगा और हर जिले तथा गांव को जंतर-मंतर बनाया जाएगा।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठियों से जुड़े बयान पर भी सवाल उठाए। प्रकाश राज ने कहा कि घुसपैठियों को रोकने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और गृह मंत्री की है, चुनाव आयोग की नहीं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लेकर भी टिप्पणी की और उन्हें जनता के सामने लाने की मांग की।
नेहा बोरा बोलीं- हिरासत और मारपीट से आंदोलन नहीं रुकेगा
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और उनके साथ मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक झंडे, पार्टी या व्यक्ति का नहीं है। दिल्ली से मुंबई तक आंदोलन जारी है।
नेहा बोरा के बोलने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ लोगों ने नारेबाजी भी की।
अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को लेकर उठाए सवाल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले रही है।
दीपके ने कहा कि तिरंगा फहराने को भी कानून का उल्लंघन माना गया। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए ऐसा क्यों कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार की अहमियत पर भी सवाल उठाए। दीपके ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन और भाजपा के बीच वोटों का अंतर करीब 2 प्रतिशत था, जबकि 14 प्रतिशत वोट काट दिए गए। यह आंकड़ा दीपके के दावे के तौर पर रखा गया है।
Delhi: CJP founder Abhijeet Dipke says, “…When Ashutosh and Saurav went to hoist the tricolor at Jantar Mantar in the morning, they were picked up, jailed and sent to judicial custody. Even hoisting the tricolor was treated as a violation of the law. For whom? For Gyanesh Kumar…”
— IANS (@ians_india) October 15, 2026
प्रशांत भूषण का आरोप- SIR में नाम जोड़ने-काटने का कंट्रोल ज्ञानेश कुमार के हाथ में
प्रशांत भूषण ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसमें लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी तय करने का कोई स्पष्ट पैमाना नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने का पूरा नियंत्रण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हाथ में है।
भूषण ने दावा किया कि दिल्ली में एक सेंट्रल आईटी सेल बनाई गई, जहां यह तय किया गया कि किसका नाम मतदाता सूची से हटाना है और किसका नाम जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि लोगों को अपने मौलिक अधिकारों के तहत विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है और प्रदर्शन स्थलों की सूची से किसी जगह को हटाया नहीं जा सकता।
23 अक्टूबर से ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान शुरू करने का ऐलान
प्रशांत भूषण ने घोषणा की कि CJP और अन्य संगठन 23 अक्टूबर से ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान शुरू करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। भूषण ने कहा कि जो लोग फॉर्म नहीं भरेंगे, उनके नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं। उन्होंने उन लोगों की परेशानी का मुद्दा भी उठाया, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरी जगह जा चुके लोगों से ऐसा फॉर्म भरने को कहा जा रहा है, जिसमें उन्हें पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं होने की जानकारी देनी पड़ सकती है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP के प्रदर्शन पर रोक लगाने से किया इनकार
CJP ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराकर ‘लहरा दो तिरंगा मार्च’ निकालने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि प्रदर्शन SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अदालत को आश्वासन दिया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
कनॉट प्लेस के एक दुकानदार ने याचिका दायर कर कहा था कि प्रदर्शन से दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र में कारोबार प्रभावित हो सकता है। याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह से व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और वीकेंड पर प्रदर्शन होने से नुकसान बढ़ सकता है।
हाईकोर्ट ने पुलिस का आश्वासन रिकॉर्ड पर लिया। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।
16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने नोटिस जारी कर बताया कि प्रशासनिक कारणों से कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को लोगों के लिए बंद रहेगा। यह फैसला CJP के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से एक दिन पहले सामने आया।
CTI ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से ₹2,000 करोड़ के नुकसान का दावा किया
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा मार्च’ की अनुमति नहीं देने की मांग की थी।
गोयल ने कहा कि प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों में चिंता है। CTI ने दावा किया था कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के कारण कारोबार को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
CJP की ओर से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च के बीच अब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, व्यापारिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद जारी है।






