Meerut CCTV Alert: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सुरक्षा के लिए लगाए गए CCTV कैमरे अब लोगों की प्राइवेसी के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। जिन कैमरों का मकसद चोरी और अपराध रोकना था, वही अब जासूसी और डेटा लीक का जरिया बन रहे हैं।
CCTV सिक्योरिटी पर DIG की चेतावनी
DIG मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी (Kalanidhi Naithani) का कहना है कि अधिकतर लोग कैमरा लगवाते समय उसकी साइबर सिक्योरिटी को नजरअंदाज कर देते हैं। इंस्टॉलेशन करने वाले दुकानदार और टेक्नीशियन अक्सर कैमरे का पासवर्ड जानते हैं, जिससे आपकी निजी जानकारी तक उनकी पहुंच बनी रहती है।
कैसे हो रही है जासूसी?
- सस्ते और बिना सिक्योरिटी वाले कैमरों का इस्तेमाल।
- डिफॉल्ट पासवर्ड को नहीं बदला जाता।
- IP एड्रेस के जरिए हैकर्स कैमरे तक पहुंच बना लेते हैं।
- इंस्टॉलेशन करने वाले लोग एक्सेस बनाए रखते हैं।
घर के अंदर भी खतरा
आजकल लोग बच्चों और बुजुर्गों की निगरानी के लिए घर के अंदर, यहां तक कि बेडरूम में भी CCTV लगवा रहे हैं। लेकिन अगर ये कैमरे सुरक्षित नहीं हैं, तो घर की हर गतिविधि किसी अनजान व्यक्ति तक पहुंच सकती है, जो गंभीर खतरा है।
होटल और बिजनेस भी सुरक्षित नहीं
होटल, ऑफिस और दुकानों में लगे CCTV कैमरों का एक्सेस अक्सर कई लोगों के पास होता है। ऐसे में आने-जाने वाले लोगों की जानकारी रिकॉर्ड होकर गलत हाथों में जा सकती है। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कैमरों का गलत इस्तेमाल कर ब्लैकमेलिंग की गई।
कैसे करें बचाव?
- पासवर्ड तुरंत बदलें: इंस्टॉल होते ही मजबूत और यूनिक पासवर्ड रखें।
- भरोसेमंद ब्रांड चुनें: सस्ते और संदिग्ध कैमरों से बचें।
- Wi-Fi सिक्योर रखें: नेटवर्क को मजबूत पासवर्ड और अपडेट से सुरक्षित करें।
- निजी जगहों पर कैमरा न लगाएं: बेडरूम या प्राइवेट स्पेस से बचें।
- एक्सेस लिमिट करें: केवल भरोसेमंद लोगों को ही एक्सेस दें।
- रेगुलर मॉनिटरिंग करें: कैमरे की सेटिंग्स और लॉग्स समय-समय पर चेक करें।
डिजिटल दौर में सुरक्षा के साधन भी खतरे में बदल सकते हैं। CCTV कैमरा लगाने से पहले और बाद में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, वरना आपकी सुरक्षा ही आपकी सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है।






