UP Tourism Plan: काशी-अयोध्या से चमकेगा यूपी, 2047 तक ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने का प्लान

UP Tourism Plan: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” विजन के तहत पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलना और इसे दुनिया की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।

पर्यटन से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था

राज्य सरकार ने पर्यटन आधारित सकल मूल्य वर्धन (GVA) में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को लगातार बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में यह करीब 9.2 प्रतिशत है, जिसे 2029-30 तक 11 प्रतिशत, 2035-36 तक 14 प्रतिशत और 2047 तक 16 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना है। यह रणनीति पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष जोर

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है। होटल, रेस्टोरेंट और होमस्टे जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

  • वर्तमान में प्रति लाख जनसंख्या पर लगभग 30 कमरे उपलब्ध हैं।
  • 2047 तक इसे बढ़ाकर 150 करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा विदेशी पर्यटकों की औसत ठहरने की अवधि को 3 रात से बढ़ाकर 6 रात करने की योजना है, जिससे पर्यटन से होने वाली आय में वृद्धि होगी।

पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश पहले ही घरेलू पर्यटकों के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर है। अब सरकार विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर भी फोकस कर रही है।

  • वर्ष 2025 में महाकुंभ और अन्य स्थलों पर कुल मिलाकर 100 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया।
  • 2029-30 तक 75 करोड़ पर्यटकों का लक्ष्य।
  • 2047 तक 100 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना।

पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, एक पर्यटक करीब 6 लोगों के लिए रोजगार का अवसर पैदा करता है, जिससे यह सेक्टर रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन सकता है।

यूनेस्को विरासतों पर फोकस

उत्तर प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए UNESCO से मान्यता प्राप्त विरासत स्थलों की संख्या बढ़ाने की व्यापक योजना बनाई गई है। वर्तमान में राज्य के पास 7 यूनेस्को मान्यता प्राप्त विरासत स्थल हैं, जिन्हें वर्ष 2029-30 तक बढ़ाकर 8, 2035-36 तक 14 और 2047 तक 20 तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल न केवल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत पहचान दिलाएगी, बल्कि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी, जिससे पर्यटन और अर्थव्यवस्था दोनों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

काशी-अयोध्या बनेंगे आध्यात्मिक टूरिज्म हब

काशी और अयोध्या इस पूरे विजन के केंद्र में हैं। इसके साथ ही प्रयागराज, मथुरा और वृंदावन जैसे धार्मिक शहरों का भी तेजी से विकास किया जा रहा है।

इन शहरों के विकास से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

सनातन संस्कृति से वैश्विक पहचान

यह योजना केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता और सनातन संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का भी एक बड़ा प्रयास है। काशी और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों के विकास से उत्तर प्रदेश न केवल देश बल्कि दुनिया के लिए आस्था का केंद्र बनता जा रहा है।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट

पर्यटन क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड, लोकल व्यापार और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।

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Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

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