Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले एक दशक से देश की राजनीति मुख्य रूप से हिंदू-मुस्लिम मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रही है, जबकि बेरोजगारी और शिक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
रविवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित वालुज इलाके में अपने आवास पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था चाहिए, लेकिन राजनीतिक विमर्श लगातार धार्मिक मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा,
“पिछले 10-12 वर्षों में राजनीति का बड़ा हिस्सा हिंदू-मुस्लिम बहस तक सीमित रहा है। इससे युवाओं को नौकरी नहीं मिलेगी। सरकार को अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव करना होगा।”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी
अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विस्तृत एजेंडा तैयार किया जाएगा। दीपके ने कहा,
“धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किया है। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, आंदोलन खत्म नहीं होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और CJP का अभियान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को बताया सफल
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में करीब 7 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने इसे आंदोलन की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में यह अभियान देशभर में चलाया जाएगा।
पोस्ट में उन्होंने लिखा कि सरकार ने देख लिया है कि जब युवा एकजुट होते हैं तो उनकी आवाज कितनी मजबूत हो सकती है। उन्होंने कहा कि आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करेगा।
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प्रदर्शनकारियों को ‘पाकिस्तानी’ कहने पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं को देशविरोधी बताते हैं। उन्होंने कहा,
“जंतर-मंतर की तस्वीरें और वहां मौजूद भीड़ खुद बता रही है कि कौन लोग शामिल थे। क्या प्रदर्शन कर रहे छात्रों, सवाल पूछने वाले मीडिया और विपक्ष को भी पाकिस्तानी कहा जाएगा?”
‘Gen Z का आंदोलन’
अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP का आंदोलन पूरी तरह युवाओं द्वारा संचालित है और इसका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा,
“यह Gen Z का आंदोलन है। हमने किसी राजनीतिक दल के नेताओं से बातचीत नहीं की है। कोई समर्थन देना चाहता है तो बाहर से दे सकता है, लेकिन हम किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ेंगे।”
13 जून को फिर प्रदर्शन की चेतावनी
अभिजीत ने कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो 13 जून को एक बार फिर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस बार आंदोलन में शामिल अधिकांश लोग ऐसे थे जिन्होंने पहले कभी किसी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया था।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और धूप के बावजूद छात्रों और युवाओं की मौजूदगी ने साबित कर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
दीपके ने अपने समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन को दबा नहीं सकती और युवाओं की आवाज को अनदेखा करना आसान नहीं होगा।
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