Iran Football Team Visa Controversy: ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव और संघर्ष के बावजूद ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों को अमेरिका का वीजा मिल गया है। हालांकि टीम के कई अधिकारियों और सपोर्ट स्टाफ को अब तक वीजा जारी नहीं किया गया है, जिस पर ईरान ने अमेरिका पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फुटबॉल महासंघ के महासचिव हेदायत मोम्बेनी और उपाध्यक्ष मेहदी मोहम्मद नबी समेत कुल 14 अधिकारी और सहयोगी स्टाफ अभी भी अमेरिकी वीजा का इंतजार कर रहे हैं। ईरानी फुटबॉल महासंघ का कहना है कि टीम के सभी सदस्यों को समान अवसर मिलना चाहिए और वीजा में देरी से टीम की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
महासंघ ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को FIFA के समक्ष उठाएगा। उसका तर्क है कि खिलाड़ियों और तकनीकी स्टाफ के साथ अलग-अलग व्यवहार खेल भावना और निष्पक्षता के खिलाफ है।
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वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सभी खिलाड़ियों, कोचों, ट्रेनरों और कुछ जरूरी सपोर्ट स्टाफ को वीजा जारी कर दिया गया है। हालांकि कुछ आवेदनों को अभी मंजूरी नहीं मिली है और उनकी प्रक्रिया जारी है।
ईरानी टीम इस समय तुर्किये के शहर एंटाल्या में अभ्यास कर रही है। यहां से टीम मेक्सिको रवाना होगी, जहां वह आगामी टूर्नामेंट की तैयारियों को अंतिम रूप देगी।
11 जून से शुरू होगा फीफा वर्ल्ड कप 2026
आगामी FIFA वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक होगा। टूर्नामेंट की मेजबानी पहली बार तीन देश मिलकर करेंगे। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको। इस बार विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा लेंगी, जो अब तक का सबसे बड़ा संस्करण होगा।

ईरान की चिंता यह है कि यदि अधिकारियों और सहयोगी स्टाफ को समय पर वीजा नहीं मिला, तो टीम की तैयारियों और टूर्नामेंट में प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। ऐसे में यह मामला खेल से आगे बढ़कर कूटनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप लेता दिख रहा है।
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