अमेरिका-ईरान डील के बेहद करीब! ट्रंप ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची का पोस्ट रीपोस्ट किया, कहा- मीडिया समझौते की शर्तों को लेकर भ्रामक जानकारी न फैलाए

US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। दोनों देशों के बीच संभावित शांति और परमाणु समझौते को लेकर उम्मीदें उस समय और बढ़ गईं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के एक सोशल मीडिया पोस्ट को अपने प्लेटफॉर्म पर रीपोस्ट कर दिया। ट्रंप के इस कदम को वार्ता में प्रगति का संकेत माना जा रहा है।

अराघची ने कहा- डील करीब है, लेकिन अभी कुछ भी अंतिम नहीं

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पहले की तुलना में कहीं अधिक करीब है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लग जाती, तब तक उसकी शर्तों और विवरणों को लेकर अटकलें लगाना उचित नहीं होगा।

अराघची ने अपने संदेश में कहा कि ईरान पूरी प्रक्रिया में जिम्मेदार और पारदर्शी रवैया अपनाएगा तथा सही समय आने पर समझौते से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक की जाएंगी।

ट्रंप ने रीपोस्ट कर दिया बड़ा संकेत

अराघची के इस पोस्ट को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर रीपोस्ट किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

हालांकि ट्रंप प्रशासन की ओर से समझौते की शर्तों पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन रीपोस्ट के जरिए यह संदेश जरूर गया है कि वार्ता को लेकर दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी है और किसी महत्वपूर्ण प्रगति की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

मीडिया रिपोर्ट्स पर उठे सवाल

समझौते को लेकर पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं दावा किया गया कि अमेरिका ईरान को बड़ी आर्थिक राहत देने वाला है, तो कहीं कहा गया कि ईरान को व्यापक प्रतिबंधों से छूट मिल सकती है।

ये भी पढ़ेंः

समुद्र में भारत-अमेरिका टकराव! अमेरिकी कार्रवाई में भारतीय जहाज पर हमला, 3 नाविकों की मौत

इन खबरों के बीच अमेरिकी प्रशासन ने कई रिपोर्टों को भ्रामक बताया है। ट्रंप समर्थक खेमे और प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि समझौते की वास्तविक शर्तों को लेकर कई अपुष्ट दावे किए जा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

जेडी वेंस बोले- गलत जानकारी फैलाने से बचें

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी समझौते को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर समझौते के बारे में बड़ी मात्रा में गलत जानकारी फैलाई जा रही है।

वांस ने स्पष्ट किया कि ईरान को केवल समझौते पर हस्ताक्षर करने या बातचीत में शामिल होने के बदले कोई नकद भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आर्थिक राहत ईरान द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने पर निर्भर करेगी।

उनके मुताबिक, समझौते का उद्देश्य अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा चिंताओं को दूर करना है। यदि ईरान अपनी जिम्मेदारियों का पालन करता है तो इससे पूरे क्षेत्र को आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता मिल सकती है।

पाकिस्तान ने किया अंतिम ड्राफ्ट पर सहमति का दावा

इस बीच शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि प्रस्तावित शांति समझौते के अंतिम मसौदे पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोनों पक्षों के साथ संपर्क में है और आगे की प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहा है।

शहबाज शरीफ ने यह भी कहा कि कुछ शक्तियां शांति प्रक्रिया को विफल करने के लिए गलत सूचनाएं फैला रही हैं, लेकिन बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

डील में क्या-क्या शामिल हो सकता है?

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और विभिन्न सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हो सकते हैं:

  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त नियंत्रण या उसे समाप्त करने की व्यवस्था।
  • संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने या हटाने की प्रक्रिया।
  • होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा पूरी तरह खोलना।
  • क्षेत्रीय हथियारबंद संगठनों को मिलने वाली वित्तीय सहायता रोकना।
  • चरणबद्ध तरीके से आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देना।
  • मध्य पूर्व में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता के लिए सुरक्षा ढांचा तैयार करना।

जिनेवा में हो सकते हैं हस्ताक्षर

कूटनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि शेष मुद्दों पर सहमति बन जाती है तो आने वाले दिनों में जिनेवा में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालांकि अभी तक अमेरिका और ईरान की ओर से इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ये भी पढ़ेंः

ट्रंप का दावा: ईरान ने भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की, हमने नाकाम किया
Spread the love

Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

Related Posts

भारत की वोटर ID व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, SAVE America Act पर जोर; बोले- बिना फोटो ID अमेरिका में चुनाव कैसे?

Donald Trump Praises India’s Election System: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिका में अनिवार्य वोटर ID की मांग को जोरदार तरीके से उठाया है। इस बार उन्होंने अपने…

Spread the love

गॉल टेस्ट का चौथा दिन आज, भारत 178 रन आगे; श्रीलंका 284 पर ऑलआउट, बारिश डाल सकती है खलल

India Vs Sri Lanka Galle Test: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का आज चौथा दिन है। तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं, 8 आरोपी पहले से जेल में

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं, 8 आरोपी पहले से जेल में

जेल से बाहर आने के 2 साल बाद AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, ACB बोली- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर की शर्तें

जेल से बाहर आने के 2 साल बाद AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, ACB बोली- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर की शर्तें

भारत की वोटर ID व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, SAVE America Act पर जोर; बोले- बिना फोटो ID अमेरिका में चुनाव कैसे?

भारत की वोटर ID व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, SAVE America Act पर जोर; बोले- बिना फोटो ID अमेरिका में चुनाव कैसे?

गॉल टेस्ट का चौथा दिन आज, भारत 178 रन आगे; श्रीलंका 284 पर ऑलआउट, बारिश डाल सकती है खलल

गॉल टेस्ट का चौथा दिन आज, भारत 178 रन आगे; श्रीलंका 284 पर ऑलआउट, बारिश डाल सकती है खलल

ईरान-अमेरिका की 60 दिन की डेडलाइन खत्म, फिर भी ट्रंप ने क्यों रोका हमला?

ईरान-अमेरिका की 60 दिन की डेडलाइन खत्म, फिर भी ट्रंप ने क्यों रोका हमला?

ABVP से सियासत की शुरुआत, दो बार सांसद रहे हरीश द्विवेदी अब BJP के राष्ट्रीय महामंत्री बने

ABVP से सियासत की शुरुआत, दो बार सांसद रहे हरीश द्विवेदी अब BJP के राष्ट्रीय महामंत्री बने
× नोएडा दिल्ली झारखंड गुजरात ओडिशा उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल बिहार मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र उत्तराखंड पंजाब हरियाणा राजस्थान जम्मू-कश्मीर