US Iran Conflict Update: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में दो ईरानी ड्रोन मार गिराए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि ये ड्रोन क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों और समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे थे।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, शनिवार को मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों ने यह कार्रवाई की। सेना ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बल और नौसैनिक जहाज किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। CENTCOM ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
Earlier today, U.S. forces in the Middle East shot down two Iranian one-way attack drones that threatened international maritime traffic in the Strait of Hormuz.
American forces remain postured and ready to continue defending against Iranian aggression.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 7, 2026
वहीं, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने क्षेत्र में बने सीजफायर और तनाव कम करने के प्रयासों को नुकसान पहुंचाया है। तेहरान का कहना है कि वाशिंगटन की सैन्य गतिविधियां पूरे क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।
ये भी पढ़ेः
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 12 राज्यों तक पहुंचा: केरल-कर्नाटक में भारी बारिश, चेन्नई में 40°C पार; MP-राजस्थान में चली 50kmph की आंधी
ईरान का आरोप है कि अमेरिका सैन्य दबाव बढ़ाकर क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहा है, जबकि अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई केवल आत्मरक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए की गई है।
इसी बीच इजराइल भी एक नए आतंकी हमले का शिकार हुआ है। मध्य इजराइल के एक पेट्रोल पंप पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। मेडिकल अधिकारियों के मुताबिक घायलों में एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
इजराइली सुरक्षा बलों ने हमले के बाद इलाके को घेर लिया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में इसे आतंकी हमला माना जा रहा है। हालांकि, हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई, ईरान की प्रतिक्रिया और इजराइल में हुआ आतंकी हमला, तीनों घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब पूरा मध्य पूर्व पहले से ही भारी तनाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में क्षेत्र में किसी भी नई सैन्य या आतंकी घटना से हालात और जटिल हो सकते हैं।
ये भी पढ़ेः






