US Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच जारी परमाणु एवं सुरक्षा वार्ता को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत विफल होती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। वहीं, ईरान ने साफ कर दिया है कि उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है और वह किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा।
सिंगापुर समिट में अमेरिका की कड़ी चेतावनी
शनिवार को सिंगापुर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है, लेकिन यदि वार्ता नाकाम रहती है तो सैन्य विकल्प भी खुला है। उनके बयान को ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
युद्धविराम बढ़ाने पर चल रही है बातचीत
अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि एक प्रस्तावित समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इस प्रस्ताव के तहत अप्रैल की शुरुआत में लागू हुए अस्थायी युद्धविराम को 60 दिनों के लिए और बढ़ाने तथा भविष्य में स्थायी समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है। हालांकि, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं।
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ट्रंप ने टाला अंतिम फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि वह व्हाइट हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेंगे। लेकिन करीब दो घंटे चली बैठक के बाद कोई फैसला नहीं लिया गया और निर्णय को फिलहाल टाल दिया गया।
ईरान का जवाब- भरोसा नहीं, पहले अमेरिका कदम उठाए
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर अमेरिका के प्रति अविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि ईरान को अमेरिका की प्रतिबद्धताओं पर भरोसा नहीं है और जब तक अमेरिका अपने वादों पर ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक तेहरान भी कोई नया कदम नहीं उठाएगा।
गालिबाफ ने कहा कि ईरान किसी दबाव में निर्णय नहीं लेगा और समझौते को लेकर कोई तय समयसीमा भी नहीं रखी गई है।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता सफल नहीं होती है तो मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों की नजरें आगामी वार्ताओं और व्हाइट हाउस के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
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