Iran Warning to Israel: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर अपना सख्त रुख दुनिया के सामने रखा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि उनका देश किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान न तो युद्ध के मैदान से पीछे हटेगा और न ही कूटनीतिक बातचीत का रास्ता बंद करेगा।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि देश और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की ताकत केवल उसकी सैन्य क्षमता में नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति की शक्ति में भी निहित है। उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में राष्ट्रीय एकता, धैर्य और समझदारी ही देश को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा आधार है।
اولویت ما امنیت ملی و آرامش مردم است. با اقتدار از حقوق ملت دفاع میکنیم و در برابر هیچ تهدیدی عقبنشینی نخواهیم کرد. دیپلماسی و دفاع دو بال قدرت ملیاند؛ نه میدان را ترک کردهایم و نه میز مذاکره را. به امید خدا با وحدت و عقلانیت ایران از این آزمون نیز سربلند عبور خواهد کرد.
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) June 8, 2026
राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान अपने वैध अधिकारों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव से ईरान की नीतियों में बदलाव नहीं आएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं और कई मोर्चों पर तनाव देखने को मिल रहा है।
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इससे पहले ईरान ने इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि उसकी सैन्य कार्रवाई जारी रहती है या दक्षिणी लेबनान में फिर से हमले किए जाते हैं, तो जवाब पहले से कहीं अधिक सख्त होगा। तेहरान का कहना है कि क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
हाल के दिनों में मध्य पूर्व में संघर्ष विराम और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय पहलें सामने आई हैं। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वह अपनी सुरक्षा तैयारियों को कमजोर करेगा। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि रक्षा और कूटनीति दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और देश दोनों मोर्चों पर पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति पेजेशकियान का यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि ईरान तनाव कम करने के लिए बातचीत का समर्थन करता है, लेकिन किसी भी प्रकार की सैन्य या राजनीतिक धमकी के सामने झुकने को तैयार नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति और क्षेत्रीय कूटनीति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
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