Mamata Banerjee Protest: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी लंबे समय बाद अपने पुराने ‘स्ट्रीट फाइटर’ अंदाज में नजर आईं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने कोलकाता के धर्मतल्ला में भाजपा के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संघर्ष जारी रखने का संदेश दिया। हालांकि, इस प्रदर्शन में पार्टी के अधिकांश विधायक और नेता अनुपस्थित रहे, जिससे TMC के भीतर संभावित असंतोष और गुटबाजी की चर्चाओं को बल मिला है।
धरने में केवल मुट्ठीभर विधायक पहुंचे
80 विधायकों वाली TMC में से केवल 8 विधायक ही ममता बनर्जी के धरने में शामिल हुए। इनमें सोभनदेब चट्टोपाध्याय, मदन मित्रा, फ़िरहाद हकीम, बिमान बनर्जी समेत कुछ अन्य नेता मौजूद रहे। वहीं पार्टी के 6 सांसदों ने भी धरने में भाग लिया। राजनीतिक हलकों में इसे पार्टी संगठन के भीतर बढ़ती दूरी और असंतोष के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी का हमला
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के धरने पर निशाना साधते हुए कहा कि TMC के गिने-चुने विधायक और सांसद ही उनके साथ दिखाई दिए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है और उसके भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

‘50 विधायक पार्टी तोड़ने की फिराक में’
TMC से निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने दावा किया कि पार्टी के भीतर एक बड़ा समूह नेतृत्व से असंतुष्ट है। उनके अनुसार करीब 50 विधायक ऐसे हैं जो वर्तमान नेतृत्व से नाराज हैं और खुद को “असली तृणमूल कांग्रेस” का प्रतिनिधि मानते हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाजपा पर ममता का बड़ा आरोप
धरने को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 294 में से 177 सीटों पर मतगणना के दौरान धांधली कर जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं का साथ नहीं छोड़ेंगी और कथित राजनीतिक प्रताड़ना के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगी।
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INDIA गठबंधन की बैठक का किया जिक्र
ममता बनर्जी ने कहा कि अगले सप्ताह INDIA गठबंधन की बैठक होने वाली है, जिसमें भाजपा के खिलाफ देशव्यापी रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही सभी विपक्षी दल मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर साझा कार्यक्रम की घोषणा करेंगे।
पीएम मोदी पर साधा निशाना
अपने भाषण में ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण पश्चिम बंगाल को असामाजिक तत्वों और “बुलडोजर राजनीति” के हवाले कर दिया गया है।
हस्ताक्षर विवाद पर भी दी सफाई
विपक्ष के नेता के चयन को लेकर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए ममता ने कहा कि सभी हस्ताक्षर पार्टी की बैठक में तय प्रक्रिया के तहत किए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष को कोई संदेह था तो हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए थी।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन के अंत में स्पष्ट किया कि भाजपा के खिलाफ उनका आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि TMC सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई जारी रखेगी और यह धरना भविष्य के बड़े राजनीतिक अभियान की शुरुआत है।
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