Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान को लेकर बेहद आक्रामक और बड़ा बयान दिया है। फ्रांस में आयोजित G7 समिट 2026 से इतर प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में “सत्ता परिवर्तन” हो चुका है और अब वहां की राजनीतिक स्थिति पहले जैसी नहीं रही।
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के साथ अंतिम परमाणु समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई करेगा और जरूरत पड़ने पर बमबारी भी की जाएगी।
“ईरान में बड़ा बदलाव हो चुका है” – ट्रंप का दावा
ट्रंप ने कहा कि ईरान का नेतृत्व अब पहले जैसा नहीं रहा और हाल की घटनाओं के बाद वहां सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनके अनुसार, यह बदलाव इतना महत्वपूर्ण है कि इसे लगभग “सत्ता परिवर्तन” माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जो लक्ष्य तय किए थे, उनसे भी ज्यादा हासिल किया गया है और ईरान अब पहले की तरह व्यवहार नहीं करेगा।
60 दिन का अल्टीमेटम: समझौता नहीं तो हमला
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका ने ईरान को 60 दिन का समय दिया है ताकि अंतिम समझौता किया जा सके। उन्होंने कहा,
“अगर 60 दिन में समझौता नहीं हुआ, तो हमें फिर से कार्रवाई करनी होगी। हम कभी नहीं चाहेंगे कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों।”
.@POTUS: “It’s a Memorandum of Understanding. If it doesn’t get done in 60 days, that’s alright — we go back to bombing. I don’t want to do that because it’s so good, but we might have to because we’re never going to let them have a nuclear weapon.” pic.twitter.com/Ki9pEodsmV
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) June 17, 2026
ट्रंप के इस बयान को मध्य पूर्व में तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
ईरान पर सैन्य कार्रवाई और नुकसान के दावे
ट्रंप ने दावा किया कि हाल के संघर्ष में अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार ईरान की करीब 84 से 85 प्रतिशत मिसाइल क्षमता को खत्म कर दिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो हथियार बचे हैं, वे अब भूमिगत ठिकानों में छिपे हुए हैं और उन्हें बाहर निकालना ईरान के लिए आसान नहीं होगा।
“गलतियां युद्ध का हिस्सा होती हैं” – ट्रंप
दक्षिणी ईरान के मिनाब में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले को लेकर ट्रंप ने कहा कि यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था और इसकी जांच चल रही है।
उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान गलतियां हो जाती हैं और जंग हमेशा विनाशकारी होती है।
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इजराइल को राहत मिलने का दावा
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता इजराइल के लिए भी राहत की बात है, क्योंकि उसकी सबसे बड़ी चिंता ईरान का परमाणु कार्यक्रम था।
उन्होंने कहा कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी इस समझौते से संतुष्ट होंगे और उनकी प्रमुख सुरक्षा चिंता काफी हद तक कम हुई है।
UAE, पाकिस्तान और खाड़ी देशों पर बयान
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल था और कई हमलों में उसकी भूमिका रही।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान, कतर और अन्य खाड़ी देशों ने भी अमेरिका के साथ सहयोग किया।
ईरान के पुनर्निर्माण पर अमेरिका का साफ इनकार
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि युद्ध के बाद ईरान के पुनर्निर्माण में अमेरिका कोई पैसा नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि ईरान को हुए भारी आर्थिक नुकसान के बाद अब उसके पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी क्षेत्रीय देशों या स्वयं ईरान की होगी।
ट्रंप का दावा: लक्ष्य से ज्यादा हासिल किया
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने इस पूरी रणनीति में अपने तय लक्ष्यों से भी ज्यादा हासिल किया है। उनके मुताबिक, अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना, होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता बनाए रखना और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव को नियंत्रित करना था।
#WATCH | On G7 Summit, US President Donald Trump says, “I wanted to thank President Macron and Brigitte, his really lovely wife, fantastic person, for welcoming us to France for an extremely successful G7 summit. I would say it’s one of the most successful, and this meeting could… pic.twitter.com/JkONtXEfaQ
— ANI (@ANI) June 17, 2026
ट्रंप का दावा है कि इन सभी मोर्चों पर अमेरिका ने अपेक्षा से बेहतर परिणाम हासिल किए हैं और क्षेत्रीय हालात को काफी हद तक अपने पक्ष में मोड़ने में सफलता पाई है।
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