Iran Drone Attack: अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कई कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने के लिए “वन-वे अटैक ड्रोन” लॉन्च किए, जिन्हें अमेरिकी बलों ने रास्ते में ही मार गिराया। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने भारतीय जहाजों को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को बाधित करने के उद्देश्य से कई ड्रोन दागे गए थे। अमेरिकी सेना ने इन सभी ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जिससे किसी भी कॉमर्शियल जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा। CENTCOM ने कहा कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट फिलहाल खुला है और जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
Iran launched multiple one-way attack drones in an attempt to strike commercial ships transiting the Strait of Hormuz. U.S. forces have downed all of them in recent hours as traffic flow through the strait continues unimpeded. The international trade corridor remains open for…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 13, 2026
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने भी पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने कई ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। अधिकारी ने कहा कि ये ड्रोन समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे।
ट्रंप का दावा- भारतीय जहाजों को भी बनाया गया निशाना
इन घटनाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले की कोशिश “पूरी तरह अस्वीकार्य” है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियां बंद करनी होंगी।
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हालांकि, ट्रंप के इस दावे की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। भारत सरकार, भारतीय नौसेना या किसी शिपिंग एजेंसी की ओर से भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले की कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। वहीं ईरान ने भी इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारतीय जहाजों पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर पहले से तनाव
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारत ने हाल ही में दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब कर ओमान की खाड़ी में भारतीय क्रू वाले तीन व्यापारी जहाजों पर हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर विरोध दर्ज कराया था।
इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर भारत की चिंता और विरोध दर्ज कराया था।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि या हमले की आशंका वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर डाल सकती है।
फिलहाल अमेरिकी सेना के दावों और ट्रंप के आरोपों के बीच भारतीय जहाजों को निशाना बनाए जाने की बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन होर्मुज क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा रही हैं।
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