Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और घुसपैठियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध तरीके से राज्य में रह रहे हैं, वे जल्द से जल्द यहां से चले जाएं, वरना सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा,
“जल्दी-जल्दी यहां से भागो, वरना एक्शन लिया जाएगा। हम घुसपैठियों को जेल में रखकर रोटी नहीं खिलाएंगे। वे हमारे दामाद नहीं हैं। जिनकी पहचान होगी, उन्हें वापस भेजा जाएगा।”
‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ नीति के तहत कार्रवाई
राज्य सरकार ने ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ नीति के तहत सभी जिलों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों और डिपोर्टेशन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत की जा रही है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इन होल्डिंग सेंटरों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों को अधिकतम 30 दिन तक रखा जा सकेगा। इस दौरान उनके दस्तावेज, पहचान और नागरिकता की जांच होगी। बायोमेट्रिक डेटा केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों को सीमा सुरक्षा एजेंसियों को सौंपा जाएगा।
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नॉर्थ 24 परगना में पहुंचे 100 से ज्यादा विदेशी नागरिक
नॉर्थ 24 परगना के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर मंगलवार सुबह 100 से ज्यादा विदेशी नागरिक पहुंच गए। दावा किया गया कि ये लोग पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे थे।
वहीं, मुर्शिदाबाद और मालदा में पहले होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां संदिग्ध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को रखा जा रहा है।
CAA के दायरे से बाहर लोगों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जो लोग CAA के दायरे में नहीं आते, उन्हें अवैध घुसपैठिया माना जाएगा। राज्य पुलिस ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर BSF को सौंपेगी, जिसके बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
केंद्र सरकार के मुताबिक, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए कुछ अल्पसंख्यक समुदायों को CAA के तहत राहत दी गई है।
बॉर्डर सुरक्षा के लिए BSF को जमीन
बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा पर 27 किलोमीटर जमीन BSF को सौंपी गई है। यहां फेंसिंग और सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाएगा।
भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 4,097 किलोमीटर लंबी सीमा है। इसमें सबसे लंबी सीमा पश्चिम बंगाल की है, जो करीब 2,216 किलोमीटर तक फैली हुई है।
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