नोएडा हिंसा केस में नया खुलासा: 66 गिरफ्तार, 45 का मजदूरों से कोई संबंध नहीं…

Noida Workers Protest Update: नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने अब तक 66 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 45 ऐसे हैं जिनका किसी भी कंपनी या फैक्टरी से कोई संबंध नहीं है। जांच एजेंसियों के अनुसार ये बाहरी तत्व मजदूर आंदोलन की आड़ में प्रदर्शन में शामिल हुए और हिंसा व आगजनी को भड़काने में सक्रिय भूमिका निभाई।

राज्य सरकार ने कहा है कि यह घटना केवल श्रमिक असंतोष तक सीमित नहीं थी, बल्कि सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से हालात कुछ ही घंटों में काबू में आ गए और औद्योगिक गतिविधियां जल्द ही सामान्य हो गईं।

कैसे भड़की हिंसा?

सोमवार को वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ मजदूरों का प्रदर्शन कुछ ही समय में हिंसक रूप ले बैठा। औद्योगिक क्षेत्रों में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें पुलिस की एसयूवी भी शामिल रही, वहीं सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया और जमकर पत्थरबाजी हुई। जांच में सामने आया है कि आगजनी से जुड़े 17 आरोपियों में से 11 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 8 मजदूर नहीं हैं। इसके अलावा भीड़ को भड़काने वाले 32 लोगों में से 19 पकड़े गए हैं, जबकि 34 गैर-मजदूरों को भी मौके से हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने साजिश रचने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है और इस पूरे मामले में एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत भी मिले हैं, जिसकी गहन जांच जारी है।

साजिश के एंगल पर जांच

प्रशासन का मानना है कि यह मामला केवल मजदूरों के विरोध तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे नोएडा के औद्योगिक और आर्थिक ढांचे को प्रभावित करने की एक बड़ी साजिश हो सकती है। जांच में कुछ राजनीतिक तत्वों और संगठित समूहों की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि विभिन्न राज्यों से आई कुछ महिलाएं भी प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल थीं और हिंसक गतिविधियों में लगे लोगों की मदद कर रही थीं।

हालात सामान्य, उद्योग फिर पटरी पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के निर्देश पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हालात को तेजी से नियंत्रित किया। वेतन वृद्धि को लेकर घोषणा के बाद मजदूरों और फैक्टरी मालिकों के बीच सहमति बन गई, जिससे स्थिति जल्द सामान्य हो गई।

सरकार के अनुसार अब नोएडा में सभी औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह पटरी पर लौट चुकी हैं, कारखानों में कामकाज सुचारु रूप से जारी है और श्रमिकों के साथ-साथ उद्योग जगत के सभी हितधारक मिलकर सहयोग कर रहे हैं।

बता दें कि नोएडा हिंसा अब सिर्फ एक श्रमिक आंदोलन नहीं, बल्कि बाहरी तत्वों और संभावित साजिश से जुड़ा मामला बन गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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