NTA का दावा- हमारे सिस्टम से लीक नहीं हुआ NEET पेपर, संसदीय समिति ने पूछा- फिर री-एग्जाम क्यों? जवाब नहीं दे पाए DG

NEET Exam Controversy: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार को संसदीय समिति की बैठक में NTA अधिकारियों से परीक्षा में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर तीखे सवाल पूछे गए।

सूत्रों के मुताबिक, NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने समिति के सामने दावा किया कि NEET का पेपर एजेंसी के सिस्टम से लीक नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।

हालांकि समिति के कई सदस्यों ने इस दावे पर सवाल उठाए। सांसदों ने पूछा कि अगर पेपर NTA के सिस्टम से लीक नहीं हुआ, तो आखिर वह बाहर कैसे पहुंचा? साथ ही यह भी पूछा गया कि जब एजेंसी खुद अपने सिस्टम को सुरक्षित बता रही है, तो फिर परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी।

बताया जा रहा है कि इन सवालों पर NTA के डीजी कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बैठक के दौरान कई सांसदों ने परीक्षा प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और लाखों छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता जताई।

23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे।

NTA के मुताबिक 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। बढ़ते विवाद और जांच के बीच 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया।

पेपर लीक केस में डॉक्टर गिरफ्तार

CBI ने इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर से डॉक्टर मनोज शिरुरे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए RCC कोचिंग के संचालक और आरोपी शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ से गेस पेपर खरीदे थे।

सीबीआई ने पुणे में पूछताछ के बाद डॉक्टर को गिरफ्तार किया। इस मामले में किसी अभिभावक की यह पहली गिरफ्तारी मानी जा रही है।

अब तक 11 गिरफ्तार

NEET पेपर लीक मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 7 आरोपी हैं। इसके अलावा राजस्थान से 3 और हरियाणा से 1 आरोपी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं और कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

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