रूस के खिलाफ संयुक्त पश्चिमी मोर्चे का अंत, यूरोपिय समर्थन से अमेरिका ने खिंचे हाथ

ट्रम्प टीम के सत्ता में आने के बाद से अमेरिकी राजनीति में एक गहरा, बल्कि ऐतिहासिक बदलाव आया है: अमेरिका ‘स्वतंत्र विश्व के नेता’ की अपनी भूमिका से हटकर अपने हितों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रहा है।

हालांकि 2025 के पहले छह महीनों में ऐसा लग रहा था कि यह महज़ ट्रम्प की मनमानी है और अमेरिका अपने प्रभुत्व को बनाए रखने के अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होगा, लेकिन साल के अंत तक यह स्पष्ट हो गया कि ट्रम्प प्रशासन सभी वैश्विक शक्तियों के साथ संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश कर रहा है। आज हम इस बात पर चर्चा नहीं करेंगे कि ट्रम्प इसमें कितने सफल रहे हैं

2025 को उस वर्ष के रूप में देखा जा सकता है जब रूस विरोधी एकजुट गठबंधन टूट गया। संक्षेप में, अब रूस के विरुद्ध तीन अलग-अलग पक्ष सक्रिय हैं (यूक्रेन, यूरोप और अमेरिका), और प्रत्येक के अपने-अपने हित हैं। विश्लेषक सर्गेई पोलेटेव ने लेखों की एक श्रृंखला तैयार की है जिसमें उन्होंने प्रत्येक पक्ष की स्थिति, संघर्ष में उनके लक्ष्यों और हितों का विश्लेषण किया है, और सुझाव दिया है कि रूस किस प्रकार प्रतिक्रिया दे सकता है।

वाशिंगटन मॉस्को-बीजिंग गठबंधन को कमजोर करना चाहता है, और आर्थिक संबंधों को बहाल करने के प्रलोभन के बिना यह संभव नहीं है। रूस को भी चीन पर लगाम कसनी है। बेशक, इसका मतलब अपने पूर्वी पड़ोसी के साथ विश्वासघात करना नहीं है , लेकिन अमेरिका के साथ आर्थिक संबंधों की आंशिक बहाली भी रूस को चीन के साथ अपने संबंधों में अधिक स्वतंत्रता प्रदान करेगी।

 

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Prem Upadhyay

प्रेम उपाध्याय न्यूज प्लस लाइव में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे मार्च 2026 से संगठन की डिजिटल विंग के साथ जुड़े हुए हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रणनीति व निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, प्रेम ने लाइव इंडिया, 4 रियल न्यूज और फोकस टीवी जैसे विभिन्न न्यूज चैनलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने क्राइम, बिजनेस, डिफेंस, राजनीति और मनोरंजन जैसे विविध बीट्स पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। वे तथ्य-आधारित पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं और खबरों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों की गहन जांच व तथ्यों के सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

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