कुवैत-बहरीन पर ईरानी हमले से भड़के खाड़ी देश, GCC ने बताया कायराना; ट्रंप बोले- ईरान पर कार्रवाई मेरा फैसला

Iran Kuwait Attack: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने कुवैत और बहरीन पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। GCC ने इन हमलों को “कायराना” करार देते हुए कहा कि इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

GCC के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि ईरान लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जो खाड़ी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और वैश्विक मानकों का उल्लंघन है।

कुवैत ने जारी किया ड्रोन हमले का वीडियो

कुवैत सरकार ने 3 जून को हुए ईरानी ड्रोन हमले का वीडियो सार्वजनिक किया है। यह हमला कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ था, जिसमें एयरपोर्ट टर्मिनल को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए। हमले के बाद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट संचालन भी प्रभावित रहा।

कुवैत और बहरीन दोनों ने इन हमलों को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला बताया है। वहीं GCC के सदस्य देशों ने दोनों देशों के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा पूरे खाड़ी क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा का हिस्सा है।

GCC में कौन-कौन से देश शामिल हैं

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) में छह देश शामिल हैंः

  • कुवैत
  • सऊदी अरब
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • बहरीन
  • कतर
  • ओमान

इन सभी देशों ने हालिया घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने की अपील की है।

ट्रंप बोले- ईरान पर कार्रवाई का फैसला मेरा था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि ईरान पर कार्रवाई का फैसला पूरी तरह उनका अपना था और इस निर्णय पर किसी अन्य नेता का प्रभाव नहीं था। उन्होंने कहा,

“किसी ने मुझे प्रभावित नहीं किया। यह फैसला मेरा अपना था।”

ट्रंप का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ अधिक आक्रामक रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया था।

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अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई तो खत्म हो सकता है सीजफायर

इस बीच अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगियों से कहा है कि यदि ईरान समर्थित किसी हमले में अमेरिकी सैनिक मारे जाते हैं तो अमेरिका मौजूदा संघर्ष विराम (Ceasefire) व्यवस्था पर पुनर्विचार कर सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प फिलहाल मध्य पूर्व में बड़े युद्ध से बचना चाहते हैं और तनाव को नियंत्रित रखने के पक्ष में हैं। हालांकि यदि अमेरिकी सैनिकों की जान जाती है तो वॉशिंगटन का रुख और अधिक सख्त हो सकता है।

इजराइल-लेबनान सीजफायर लागू करने पर सहमति

क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान ने मौजूदा युद्धविराम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति जताई है।

समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान से हिजबुल्लाह की सैन्य मौजूदगी हटाने, फायरिंग रोकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है। कुछ क्षेत्रों को विशेष सुरक्षा जोन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां केवल लेबनानी सेना की तैनाती होगी और किसी भी गैर-सरकारी सशस्त्र समूह को अनुमति नहीं होगी।

हालांकि यह कोई नया समझौता नहीं है। मई में लागू युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया था और अब उसी व्यवस्था को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति बनी है।

बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव

विशेषज्ञों का मानना है कि कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों के बाद खाड़ी देशों और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका, इजराइल और खाड़ी देशों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

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Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

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