Khamenei Final Farewell: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को तेहरान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सैन्य कमांडर और हजारों नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में दुनिया के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, लेकिन सुरक्षा कारणों से खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
Un cadre du cercueil de la martyre Zahra Mohammadi Golpayegani, #petite-fille du Guide suprême martyr de la Révolution islamique, à la Mosalla de #Téhéran.#بدرقه_آقای_شهید_ایران#باید_برخاست#NousDevonsNousSoulever#MartyrKhamenei pic.twitter.com/8JemW4zW4A
— Iran en France (@IRANinFRANCE) July 3, 2026
रूस, चीन और भारत ने नहीं भेजे शीर्ष नेता
ईरान की ओर से औपचारिक निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद रूस, चीन, भारत और तुर्किये ने अपने शीर्ष नेताओं को अंतिम संस्कार समारोह में नहीं भेजा। इन देशों ने अपेक्षाकृत निचले स्तर के आधिकारिक प्रतिनिधियों को भेजकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन समारोह में शामिल हुए। वहीं पाकिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान और जॉर्जिया के शीर्ष नेता स्वयं तेहरान पहुंचे और खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
9 जुलाई को मशहद में होगा सुपुर्द-ए-खाक
ईरानी मीडिया के मुताबिक, खामेनेई की अंतिम इच्छा थी कि उन्हें इमाम रजा की दरगाह के पास दफनाया जाए। यह दरगाह ईरान के मशहद शहर में स्थित है, जो खामेनेई का पैतृक शहर भी है। इसी इच्छा के अनुरूप उन्हें 9 जुलाई को वहीं सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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पुराने आवास की तर्ज पर तैयार किया गया मंच
तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में श्रद्धांजलि समारोह के लिए बनाया गया मंच खामेनेई के पुराने सरकारी आवास की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसी परिसर से वह वर्षों तक देश-विदेश के नेताओं, सैन्य अधिकारियों और आम जनता को संबोधित करते थे।
बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को हुए हवाई हमले में यह परिसर पूरी तरह नष्ट हो गया था। इसी हमले में खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की भी मौत हुई थी। मंच पर उसी भवन की नीली टाइलों और पारंपरिक इस्लामी वास्तुकला की शैली को दोबारा तैयार किया गया है, ताकि उनकी विरासत और राजनीतिक प्रभाव को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जा सके।
ट्रंप ने ईरान को दी एक हफ्ते की मोहलत
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण डकोटा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ईरान पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को मानवीय आधार पर सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है, लेकिन इसके बाद उसे अमेरिकी शर्तों पर फैसला करना होगा।
ट्रंप ने कहा,
“हमने ईरान को पूरी तरह झकझोर दिया है। कुछ समय पहले तक वे मध्य पूर्व में तबाही मचा रहे थे, लेकिन हमने उन्हें घुटनों पर ला दिया। अब वे किसी भी कीमत पर हमसे समझौता करना चाहते हैं।”
इजराइल ने NYT की रिपोर्ट को बताया फर्जी
दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने द न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका को आशंका थी कि इजराइल ईरानी वार्ताकारों की हत्या की कोशिश कर सकता है।
इजराइल ने बयान जारी कर कहा कि रिपोर्ट “पूरी तरह फर्जी है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।”
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया था। हालांकि इजराइल ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
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