Weather Update: देशभर में मानसून का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। एक ओर जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश तबाही मचा रही है, तो दूसरी ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों समेत देश के करीब 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम कमजोर पड़ने और पाकिस्तान की ओर से आ रही सूखी हवाओं के कारण बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं।
पहलगाम में बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात
शनिवार रात जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में अचानक बादल फटने की घटना हुई। कुछ ही मिनटों में भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर बहने लगा, जिससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। तेज बहाव के कारण एक सड़क बह गई और आसपास के कई खेतों को भारी नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू कर दिया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
VIDEO | Roads washed away in Jammu and Kashmir’s Pahalgam after cloudburst triggered flash floods. More details are awaited. pic.twitter.com/Fedf6LQyYn
— Press Trust of India (@PTI_News) July 12, 2026
#WATCH | Jammu & Kashmir | The flash flood following a cloudburst at the Nalla Awoora area of Pahalgam in South Kashmir causes massive wreckage, debris pileup, and large pools of stagnant water. pic.twitter.com/I54qzVVLzf
— ANI (@ANI) July 12, 2026
#WATCH | Anantnag, Jammu and Kashmir: A cloudburst struck Nala Chotihall in the Chitergull area of south Kashmir, triggering a flash flood and prompting an immediate response from the district administration, with emergency teams rushed to the affected area to assess the… pic.twitter.com/vrZVB4riTz
— ANI (@ANI) July 12, 2026
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से मलबे में दबी गाड़ियां
उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास भारी लैंडस्लाइड हो गई। पहाड़ी से अचानक बड़ी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने से कई वाहन और निर्माण कार्य में लगी मशीनें मलबे में दब गईं। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। फिलहाल किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं है।
VIDEO | Vikasnagar, Uttarakhand: Heavy rainfall triggers a landslide at Lakhwar Hydroelectric Project, leaving vehicles and machinery buried under debris. More details are awaited. pic.twitter.com/7l2oHeWS0v
— Press Trust of India (@PTI_News) July 12, 2026
70% देश में मानसून की रफ्तार थमी
जहां पहाड़ों में बारिश कहर बनकर बरस रही है, वहीं मैदानी इलाकों में मानसून लगभग थम गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक देश के करीब 70 प्रतिशत हिस्से से मानसून के बादल छंट गए हैं, जिससे राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं।
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पाकिस्तान से आ रही सूखी हवाएं बनी बड़ी वजह
मौसम संबंधी वेबसाइट ऑल इंडिया वेदर के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से आने वाली सूखी हवाएं उत्तर-पश्चिम भारत से होते हुए अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत तक फैल गई हैं। इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी कम हो गई है, जिससे बादलों का विकास प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि अगले पांच दिनों तक कई राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना बेहद कम बताई जा रही है।
बारिश थमने से बढ़ा तापमान
बारिश की कमी का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में दिन का तापमान बढ़ने लगा है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो गर्मी और उमस दोनों बढ़ सकती हैं।
IMD ने बताई मानसून कमजोर पड़ने की वजह
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिसके कारण मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। इसके अलावा मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इन दोनों कारणों से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।
प्रशांत महासागर के नए सिस्टम से उम्मीद
IMD का कहना है कि फिलहाल प्रशांत महासागर में तीन नए मौसमीय सिस्टम विकसित हो रहे हैं। यदि इनमें से कोई एक सिस्टम आगे बढ़कर बंगाल की खाड़ी तक पहुंचता है, तो मानसून को दोबारा मजबूती मिल सकती है। इससे उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना बनेगी।
IMD Weather Warning !
🌧️ Heavy to very heavy rainfall is likely over Northeast India, West Bengal, and Bihar during the next 2–3 days.
🌦️ Isolated heavy rainfall is also likely over East Uttar Pradesh during the next 4–5 days.
⛈️ Extremely heavy rainfall is likely over… pic.twitter.com/73qQBuxtSx
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 12, 2026
हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना कम है। ऐसे में कई राज्यों को फिलहाल बारिश के लिए इंतजार करना पड़ सकता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
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