Sikkim Tunnel Landslide: सिक्किम के दक्षिण सिक्किम जिले के नामची स्थित मामरिंग की निर्माणाधीन समरदुंग सुरंग (टनल) में सोमवार को हुए भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के बाद बड़ा हादसा हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने से सुरंग का प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद हो गया, जिसके कारण अंदर काम कर रहे कई मजदूर फंस गए। अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाकी मजदूरों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे की सूचना दोपहर करीब 3:40 बजे मिली। सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज तथा जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए आसपास के इलाके में यातायात भी नियंत्रित किया गया।
Gangtok, Sikkim: Seven deaths have been confirmed in a tunnel incident at NHPC Teesta Stage VI project in Namchi. Bodies were sent to nearby hospitals, while rescue teams continue efforts to evacuate workers trapped inside the under-construction tunnel. pic.twitter.com/m5IhyiQL1o
— IANS (@ians_india) July 21, 2026
मीथेन गैस बनी सबसे बड़ी चुनौती
अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के भीतर संदिग्ध मीथेन गैस मौजूद होने के कारण बचाव अभियान बेहद कठिन हो गया। फंसे हुए मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश के दौरान कई बचावकर्मियों को चक्कर आने लगे, जबकि कुछ बेहोश भी हो गए। अधिकारियों का मानना है कि भूस्खलन के कारण भूमिगत चट्टानों और भू-स्तरों में हुए बदलाव से प्राकृतिक रूप से गैस का रिसाव शुरू हुआ, जिससे सुरंग के भीतर काम करना जोखिम भरा हो गया।
गैस मास्क पहनकर अंदर पहुंचे बचावकर्मी
रेस्क्यू टीमों ने गैस मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से सुरंग के भीतर प्रवेश करने की कोशिश की। मौके पर कई एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात रखा गया, ताकि बाहर निकाले गए मजदूरों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल लगातार सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास करता रहा।
पश्चिम बंगाल से बुलाई गई स्पेशल रेस्क्यू टीम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल से गैस-रोधी उपकरणों से लैस विशेष रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई। इस टीम ने स्थानीय बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर अभियान को तेज किया। सुरंग के भीतर कम जगह, खराब रोशनी और गैस की मौजूदगी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी धीमी गति से आगे बढ़ा।
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करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका
प्रशासन के अनुसार, शुरुआती जानकारी में सुरंग के भीतर पटेल इंजीनियरिंग के 21 और NHPC के 6 कर्मचारियों समेत करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने कहा कि सुरंग में मौजूद मजदूरों की अंतिम संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के समय सुरंग के भीतर कुल कितने मजदूर मौजूद थे।
Gangtok, Sikkim: NDRF teams are carrying out a rescue operation after a landslide inside the under-construction Samardung tunnel at Mamring in South Sikkim reportedly triggered a methane gas leak, leaving an estimated 27 people feared trapped pic.twitter.com/QUHFaab9jy
— IANS (@ians_india) July 20, 2026
16 मजदूर सुरक्षित निकाले गए, बाकी की तलाश जारी
सिक्किम पुलिस ने देर शाम जानकारी दी कि रेस्क्यू अभियान के दौरान 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार के लिए रंगपो के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भेजा गया। प्रशासन ने कहा है कि अन्य मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है और सुरंग के भीतर फंसे लोगों की वास्तविक संख्या का पता बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही चल सकेगा।
Gangtok, Sikkim: All 16 workers trapped inside the under-construction Samardung tunnel at Mamring in South Sikkim have been rescued after a landslide reportedly triggered a suspected gas leak inside the tunnel. Rescue teams from the Sikkim Police, Fire and Emergency Services, and… pic.twitter.com/w85KvYfKUl
— IANS (@ians_india) July 20, 2026
तीस्ता स्टेज-6 परियोजना के लिए बन रही थी सुरंग
यह निर्माणाधीन समरदुंग टनल तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका निर्माण पटेल इंजीनियरिंग कंपनी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सुरंग के भीतर फंसे सभी मजदूरों तक सुरक्षित पहुंचना और उन्हें बाहर निकालना है। बचाव अभियान लगातार जारी है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
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