NEET Paper Leak Bill: पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई। हालांकि, कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने पहुंचे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस विधेयक पर पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। मीडिया द्वारा बार-बार सवाल पूछे जाने पर उन्होंने हर बार सिर्फ एक ही शब्द कहा, “नेक्स्ट”।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने पूछा कि पेपर लीक संशोधन बिल में क्या प्रावधान होंगे और इसे कब पेश किया जाएगा, तो वैष्णव ने कोई जानकारी साझा नहीं की। एक रिपोर्टर के सवाल पर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में इतना जरूर कहा, “आज कोई पेपर लीक नहीं हो रहा।” इसके बाद भी उन्होंने बिल से जुड़े किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।
सोमवार को संसद में पेश होगा बिल
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक संशोधन बिल को सोमवार, 27 जुलाई को संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट निर्देश है कि छात्रों से जुड़े इस महत्वपूर्ण कानून में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर संसद की कार्यवाही बाधित करती है तो उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी गंभीरता से यह कानून ला रही है।
PM मोदी ने आधी रात जारी किया था वीडियो संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई की रात 12 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर करीब 2 मिनट 56 सेकेंड का वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। पेपर लीक के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और यह सुनिश्चित किया गया कि छात्रों का एक साल खराब न हो। इसी वजह से कम समय में 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई गई और 19 जुलाई को परिणाम भी घोषित कर दिए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
NEET-UG पेपर लीक के बाद बढ़ा दबाव
सरकार पर यह कानून लाने का दबाव 3 मई को हुए NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद बढ़ा। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले एक महीने से आंदोलन कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस मुद्दे पर 26 दिनों तक अनशन किया। संसद के भीतर भी विपक्ष लगातार पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाता रहा है।
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CBI कर रही है जांच, 13 आरोपी गिरफ्तार
पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों में छापेमारी और जांच की है।
अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, CBI जल्द ही इस मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
NTA की आय और खर्च दोनों बढ़े
सरकार ने संसद में बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की आय पिछले पांच वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है। वर्ष 2019-20 में एजेंसी की आय 504 करोड़ रुपये थी, जो 2023-24 में बढ़कर 1,116 करोड़ रुपये हो गई।
इसी अवधि में एजेंसी का खर्च भी 440 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,040 करोड़ रुपये पहुंच गया। सरकार के मुताबिक, 2018 में गठन के बाद NTA ने अब तक 270 से अधिक परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिनमें 6.6 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। वर्ष 2026 में अब तक 12 परीक्षाओं के लिए 65 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है।
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। 1994 बैच के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने विनीत जोशी का स्थान लिया है, जिन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है।
वहीं 1995 बैच के IAS अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बनाया फास्ट ट्रैक कोर्ट
पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने राउज एवेन्यू कोर्ट में एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया है।
हाईकोर्ट ने जज अनु ग्रोवर बालीगा को इस विशेष अदालत में स्पेशल जज के रूप में नियुक्त किया है। अब ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ के तहत दर्ज सभी मामलों की सुनवाई इसी अदालत में होगी।
क्या है मौजूदा एंटी-पेपर लीक कानून?
देश में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 पहले से लागू है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू किया गया।
इस कानून के तहत-
- पेपर लीक करने पर 3 से 5 वर्ष तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना।
- संगठित गिरोह की संलिप्तता पर 5 से 10 वर्ष तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
- दोषी परीक्षा एजेंसी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत की वसूली और चार साल तक परीक्षा आयोजित करने पर रोक।
- सभी अपराध गैर-जमानती हैं और जांच DSP या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाती है।
सरकार का कहना है कि संशोधन विधेयक के जरिए इस कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
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