Rahul Gandhi: पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार शाम इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ अपने आवास से गांधी स्मृति तक मार्च निकाला। मार्च में कांग्रेस के अलावा शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार), तृणमूल कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल, वाम दल, समाजवादी पार्टी और आईयूएमएल समेत कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने राष्ट्रगान गाया और मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर छात्रों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया।
VIDEO | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi meets BJP leader and Vice Chairman of the Gandhi Smriti Vijay Goel.
Source: Third party pic.twitter.com/gS3xSFwiLa
— Press Trust of India (@PTI_News) July 23, 2026
मार्च शुरू होने से पहले राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी सांसदों की बैठक हुई, जिसमें छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। इसके बाद सभी नेता गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने पहले से ही जगह-जगह बैरिकेड और बसें लगाकर रास्ते को नियंत्रित किया था। मार्च शुरू होते ही कुछ समय के लिए नेताओं को रोक दिया गया। करीब 10 मिनट बाद पुलिस ने आगे बढ़ने की अनुमति दी, जिसके बाद सभी नेता गांधी स्मृति पहुंचे।
मार्च के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ विपक्ष सड़कों पर उतरा है। उन्होंने कहा, “पेपर लीक के चलते जिन छात्रों को हमने खो दिया है, हम उन्हें याद कर रहे हैं। हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए विपक्ष के सभी सांसदों को लगा कि हमें भी सड़कों पर उतरना चाहिए।”
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “Our students are on the road, so all the opposition MPs felt that we should also be on the road. All the opposition MPs wanted to go to India Gate. They refused, stopped us. Then we said that we want to go Tees… https://t.co/vGLwepVQnq pic.twitter.com/beUkWVWwxg
— ANI (@ANI) July 23, 2026
गांधी स्मृति पहुंचकर सरकार पर साधा निशाना
गांधी स्मृति पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और छात्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमारे नेता महात्मा गांधी की हत्या यहीं हुई थी। आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है, छात्रों पर ज़ुल्म कर रही है और उन्हें पीट रही है। विपक्ष इसे मंजूर नहीं करेगा। हम छात्रों के साथ हैं। नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना होगा और छात्रों से माफी मांगनी होगी।”
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष पहले इंडिया गेट जाकर प्रदर्शन करना चाहता था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर गांधी स्मृति तक मार्च करने का फैसला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन उनका संदेश स्पष्ट है कि पूरा विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है।
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रेणुका चौधरी ने भी सरकार पर बोला हमला
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बाहर आकर छात्रों और विपक्ष से बात करने का साहस नहीं है और वह लोकतांत्रिक विरोध को भी रोकना चाहती है।
#WATCH | Delhi | Congress MP Renuka Chowdhury says, “…Why should we explain this to such a stubborn government? Have they ever gone there (Gandhi Smriti)?… They (government) do not have the courage to come out and talk…” https://t.co/vGLwepVQnq pic.twitter.com/byIzVDGchZ
— ANI (@ANI) July 23, 2026
20 से अधिक विपक्षी सांसद रहे शामिल
मार्च में शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सौगत राय, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ मांझी, राष्ट्रीय जनता दल की मीसा भारती और संजय यादव, सीपीएम के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के के. संतोष कुमार, समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन और आईयूएमएल के ई.टी. मोहम्मद बशीर समेत इंडिया गठबंधन के 20 से अधिक सांसद मौजूद रहे।
एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उठाया था मुद्दा
इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी ने इंदिरा भवन में करीब 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों के खिलाफ कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक का मुद्दा उठाया था। उन्होंने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों के प्रदर्शन के वीडियो भी दिखाए और दावा किया कि नीट पेपर लीक से देश के लगभग 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली है।
सोशल मीडिया पर भी साधा था निशाना
गुरुवार सुबह राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा को शिक्षा तंत्र की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system – and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to… https://t.co/0MK4wPMNiK— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
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