Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले की योजना टाल दी है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बड़े पैमाने पर अभियान चलाने से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक तेजी से खत्म हो सकता है, जिससे मध्य-पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ट्रंप को सलाह दी कि बड़े हमले की स्थिति में अमेरिका की रक्षा क्षमता कमजोर पड़ सकती है। अप्रैल के अंत तक अमेरिका 1,200 से अधिक पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर चुका था। हालांकि ट्रंप ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर सभी सैन्य विकल्प अब भी खुले हैं।
ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंध
सैन्य कार्रवाई टालने के साथ ही अमेरिका ने आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए ईरानी कारोबारी बाबेक जंजानी के नेटवर्क से जुड़ी 9 कंपनियों और 4 व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। वॉशिंगटन का कहना है कि इन संस्थाओं के जरिए ईरान की आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिल रहा था।
ईरान ने यूक्रेन के राजनयिक को किया तलब
इस बीच, ईरान ने कैस्पियन सागर में अपने एक व्यापारिक जहाज पर कथित हमले के विरोध में यूक्रेन के राजनयिक को तलब किया है। तेहरान का आरोप है कि हमले में एक नाविक की मौत हुई और दूसरा घायल हुआ। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन ने कैस्पियन सागर में उन जहाजों को निशाना बनाया जो ईरान से जुड़े सैन्य सामान की ढुलाई में इस्तेमाल हो रहे थे। हालांकि उन्होंने ईरानी व्यापारिक जहाज पर सीधे हमले की पुष्टि नहीं की।
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IRGC का आरोप- इजराइल अमेरिका को भड़का रहा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आरोप लगाया है कि इजराइल अमेरिकी राष्ट्रपति को झूठी जानकारी देकर ईरान के खिलाफ माहौल बना रहा है। IRGC के प्रवक्ता ने कहा कि इजराइल अमेरिका की सैन्य ताकत का इस्तेमाल अपने रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहता है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इजराइल ने दोबारा युद्ध शुरू किया तो ईरान पहले से अधिक विनाशकारी जवाब देगा।
📹 اگر اسرائیل دوباره به جنگ برگردد بلای بزرگی بر سرش میآوریم
سخنگوی سپاه:
اسرائیل با تحریک رئیس جمهور آمریکا و دادن اطلاعات غلط میخواهد آمریکا را در منطقه نگه دارد و اهدافش را با استفاده از توان آمریکا پیش ببرد pic.twitter.com/bcS5lJK7f7
— خبرگزاری تسنیم (@Tasnimnews_Fa) July 26, 2026
जॉर्डन हमले के बाद बढ़ी अमेरिकी चिंता
हाल ही में जॉर्डन में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों के दौरान एक बैलिस्टिक मिसाइल अमेरिकी सुरक्षा घेरे को भेदने में सफल रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सैन्य अभियान की स्थिति में अमेरिकी सैनिक, खाड़ी देशों के सहयोगी और अहम सैन्य ठिकाने ईरान के जवाबी हमलों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
13 रात की बमबारी के बाद पहली शांत रात
पिछले दो सप्ताह से जारी तनाव के बीच शनिवार की रात पहली बार ऐसी रही जब अमेरिका की ओर से कोई हवाई हमला नहीं किया गया। इससे पहले लगातार 13 रातों तक अमेरिकी बमबारी और उसके जवाब में ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी रही थी। हालांकि, पेंटागन ने एहतियात के तौर पर मध्य-पूर्व में अतिरिक्त सैनिकों और हथियारों की तैनाती जारी रखी है। अमेरिकी सैन्य योजनाकार ऊर्जा प्रतिष्ठानों, परिवहन नेटवर्क और ईरान की पिकएक्स माउंटेन परमाणु सुविधा समेत कई संभावित लक्ष्यों पर कार्रवाई के विकल्प तैयार रखे हुए हैं।
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