Prahlad Joshi: नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और अनुभवी सांसद प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है। ऐसे समय में उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है, जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर व्यापक बहस चल रही है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करना और सुधारों को आगे बढ़ाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद वेंकटेश जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा (बीजापुर) में हुआ था। उन्होंने कर्नाटक यूनिवर्सिटी से संबद्ध केएस आर्ट्स कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की पढ़ाई पूरी की। राजनीति में आने से पहले वे व्यापार और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। संगठन में लंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें भाजपा के जमीनी नेताओं में गिना जाता है।
22 साल से संसद में प्रतिनिधित्व
प्रह्लाद जोशी वर्ष 2004 से लगातार कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने जाते रहे हैं। उन्होंने पहली बार 2004 में कांग्रेस के उम्मीदवार बी.एस. पाटिल को हराकर लोकसभा में प्रवेश किया था। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में भी जीत दर्ज कर उन्होंने अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। वर्ष 2014 से 2016 तक वे कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
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RSS से जुड़ाव और आंदोलन की राजनीति
प्रह्लाद जोशी का शुरुआती राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा रहा है। 1992 से 1994 के बीच हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही, जिसके बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए। इसके अलावा उन्होंने ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ में भी नेतृत्वकारी भूमिका निभाई थी। संगठनात्मक अनुभव और आंदोलन की राजनीति ने उन्हें भाजपा में मजबूत पहचान दिलाई।
जिम्मेदारी मिलने के बाद क्या बोले प्रह्लाद जोशी?
शिक्षा मंत्री बनाए जाने के बाद प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा, “मुझे अभी-अभी पता चला है कि प्रधानमंत्री ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है। मैं कर्तव्यबोध और विनम्रता के साथ इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। साथ ही उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले चार-पांच वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी ढंग से लागू किया। जोशी ने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह अपनी पूरी क्षमता के साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करेंगे।
VIDEO | Delhi: After being appointed as Education Minister following Dharmendra Pradhan’s resignation from the post, Union Minister Prahlad Joshi says, “I have just got to know that the Prime Minister has given me a responsibility. I accept this responsibility with a sense of… pic.twitter.com/o9LnWvjuOI
— Press Trust of India (@PTI_News) July 25, 2026
मोदी सरकार में संभाले कई अहम मंत्रालय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार में 30 मई 2019 को प्रह्लाद जोशी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उन्होंने संसद के दोनों सदनों में सरकार और विपक्ष के बीच समन्वय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा कोयला उत्पादन बढ़ाने और खनन क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए भी उनका कार्यकाल चर्चा में रहा।
अब शिक्षा मंत्रालय की सबसे बड़ी चुनौती
शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी ऐसे समय में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जब नीट-यूजी पेपर लीक विवाद, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों की सबसे बड़ी मांग पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की है। ऐसे में नए शिक्षा मंत्री के सामने राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करना, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करना और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को गति देना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
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