Parliament Paper Leak Bill Controversy: लोकसभा में मंगलवार को ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए इस विधेयक पर बहस के दौरान विपक्ष ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर हमला बोला, जबकि भाजपा ने आरोपों का जवाब देते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया। सदन के अंदर और बाहर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, प्रह्लाद जोशी, किरेन रिजिजू, अखिलेश यादव, अनुराग ठाकुर समेत कई नेताओं के बयान चर्चा का केंद्र बने।
डॉ. जितेंद्र सिंह बोले- कानून को और मजबूत बनाने की जरूरत
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हाल की पेपर लीक घटनाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा, “2024 के अधिनियम के क्रियान्वयन से हमें महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुए हैं। इन्हीं अनुभवों के आधार पर यह संशोधन विधेयक लाया गया है, ताकि कानून को और अधिक सशक्त बनाया जा सके तथा मामलों में त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित किया जा सके।”
The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) (Amendment) Bill, 2026 पर लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री @DrJitendraSingh ने कहा कि हाल की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय लिया कि इस कानून को और अधिक मजबूत बनाने की… pic.twitter.com/FxCfr6a6Be
— SansadTV (@sansad_tv) July 28, 2026
राहुल गांधी बोले- रेपिस्ट का बचाव करने वाले को शिक्षा मंत्री बनाया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बनाया है, जिसने बलात्कारियों का बचाव किया था।
राहुल गांधी ने कहा,
“देश के शिक्षा मंत्री के तौर पर भाजपा ने ऐसे व्यक्ति को चुना है जो बलात्कारियों का बचाव करता है। जो व्यक्ति यह कहे कि बलात्कारियों को सुरक्षा की जरूरत है, उसे शिक्षा मंत्री बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रधानमंत्री के पास कैबिनेट में कई योग्य लोग थे, लेकिन उन्होंने उसी व्यक्ति को चुना, जिसने ऐसे बयान दिए। यह हैरान करने वाला फैसला है।”
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “बलात्कारियों का बचाव करने वाले व्यक्ति से ज्यादा घटिया कोई इंसान नहीं हो सकता। प्रह्लाद जोशी हमारी शिक्षा व्यवस्था का अपमान हैं और उन सभी छात्रों का भी अपमान हैं, जो इस व्यवस्था का हिस्सा हैं। करोड़ों युवा महिलाएं उन संस्थानों में पढ़ाई करती हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब उनके पास है। भारत की महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी के नए शिक्षा मंत्री को कभी स्वीकार नहीं करेंगी।”
There can be no filthier type of man than one who defends rapists.
Pralhad Joshi is an insult to our education system and an insult to every student in it. Crores of young women study in the institutions he now oversees.
India’s women will never accept PM Modi’s new Education… pic.twitter.com/AmmuqIHhE8
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 28, 2026
प्रियंका गांधी ने लोकसभा में उठाया बिलकिस बानो का मुद्दा
लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई का समर्थन किया था।
प्रियंका ने कहा, “नए शिक्षा मंत्री ने गर्भवती महिला के बलात्कारियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की थी। ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया गया है।”
उनकी टिप्पणी पर भाजपा सांसदों ने विरोध जताया। स्पीकर ओम बिरला ने बयान को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए। प्रियंका ने कहा कि उनके आरोपों के समर्थन में वह सबूत देंगी।
उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी सरकार से सवाल किया और पूछा, “लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? आज पूरा देश इसका जवाब मांग रहा है।”
मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री जी से पूछना चाहती हूं कि क्या ज़रूरत थी मासूम बच्चों का इस तरह दमन करने की? क्या ज़रूरत थी नौजवान छात्रों पर आसूँ गैस चलवाने की, लाठियाँ बरसाने की, water-cannons चलवाने की? क्या ज़रूरत थी जवान लड़कियों को ज़लील करने की, उनके कपड़े फाड़ने की, उन्हें… pic.twitter.com/I4FaQDlvoj
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 28, 2026
प्रह्लाद जोशी बोले- आरोपों का सबूत दें, कार्रवाई हो
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्रियंका गांधी के आरोपों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा, “मेरे बारे में जो बातें कही गईं, उनकी कोई जानकारी पहले नहीं दी गई। यदि कोई इस तरह का आरोप लगाता है तो उसके पास सबूत होना चाहिए। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। क्या कोई भी कुछ भी कहकर बच सकता है?”
@JoshiPralhad
“प्रियंका गांधी अपने आरोपों के सबूत दें। क्या कोई भी कुछ भी कहकर बच सकता है? मैं इन आरोपों का पूरी तरह खंडन करता हूं। उन्हें माफी मांगनी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।” pic.twitter.com/gKCG4cCxNI— Newz Plus Live (@newzpluslive) July 28, 2026
किरेन रिजिजू बोले- यह चरित्र हनन है
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा, “प्रियंका गांधी एक वरिष्ठ सांसद हैं। उन्हें जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। बिना तथ्यों के किसी मंत्री पर इस तरह के आरोप लगाना चरित्र हनन है। यदि उनके पास सबूत हैं तो सदन में रखें, अन्यथा माफी मांगें।”
#WATCH | Delhi | In Lok Sabha, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, ” The Prime Minister appointed a new Education Minister, a person who expressed consent and even happiness over the release of those convicted of raping a pregnant woman… “
Objecting to this, Union Minister… pic.twitter.com/ahJOgjgQDI
— ANI (@ANI) July 28, 2026
स्पीकर ओम बिरला ने दी नसीहत
लगातार बढ़ते हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया।
उन्होंने कहा, “बिना तथ्यों के किसी सदस्य पर इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। सदन की गरिमा बनाए रखें और विधेयक पर चर्चा करें।”
बाद में उन्होंने प्रियंका गांधी की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने के निर्देश भी दिए।
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रियंका गांधी के बयान का विरोध करते हुए कहा,
“किसी मंत्री के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाना गलत है। यदि आरोप लगाए गए हैं तो उनके समर्थन में प्रमाण भी प्रस्तुत किए जाएं।”
Delhi: Speaking in the Lok Sabha, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, “I will provide you with the evidence of the statements Pralhad Joshi made regarding the release of the Bilkis Bano convicts. I will send it to you. I will authenticate it.”
Objecting to this, BJP MP… pic.twitter.com/WHeXyVgeHX
— IANS (@ians_india) July 28, 2026
के.सी. वेणुगोपाल ने कांग्रेस का पक्ष रखा
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा भी अक्सर पूर्व प्रधानमंत्रियों और कांग्रेस नेताओं पर टिप्पणी करती रही है।
उन्होंने कहा,
“यदि सत्ता पक्ष इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू का नाम ले सकता है तो विपक्ष भी अपने राजनीतिक सवाल उठाने का अधिकार रखता है।”
ये भी पढ़ेंः
कौन हैं प्रह्लाद जोशी? धर्मेंद्र प्रधान के बाद संभालेंगे शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी
अखिलेश यादव बोले- सरकार वचन नहीं, जुमले देती है
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार वचन नहीं, जुमले देती है। करोड़ों युवाओं के दबाव के बाद धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। छात्रों ने दिखा दिया कि सरकार झुक सकती है।”
उन्होंने आगे कहा, “20 से ज्यादा परीक्षाओं में पेपर लीक हुए। जो लोग भगवान के मंदिरों का चढ़ावा नहीं बचा सके, वे पेपर लीक कैसे रोकेंगे?”
अखिलेश ने छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी मजाक में शुरू हुई थी, लेकिन उसने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।”
“BJP govt doesn’t give assurances but ‘jumla’; hope all the assurances to youngsters are fulfilled.”
– SP MP Akhilesh Yadav in LS pic.twitter.com/g63qhEKuxe
— News Arena India (@NewsArenaIndia) July 28, 2026
अनुराग ठाकुर बोले- पेपर लीक भी आतंकवाद जितनी गंभीर चुनौती
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार इस समस्या को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा,
“देश ने आतंकवाद और नक्सलवाद का दर्द झेला है। मोदी सरकार ने उन चुनौतियों पर काबू पाया है। अब पेपर लीक जैसी समस्या को भी जड़ से खत्म किया जाएगा।”
उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “राहुल गांधी और प्रियंका गांधी गंभीर मुद्दों पर भी लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।”
Delhi: Speaking in the #LokSabha, BJP MP Anurag Thakur says, “Terrorism and Naxalism have inflicted immense suffering and caused deep wounds on this country for decades. The Modi government has worked to free the nation from these deep wounds. We have… pic.twitter.com/II4daA0zwv
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 28, 2026
दीपेंद्र हुड्डा बोले- फास्ट ट्रैक कोर्ट का वादा पूरा नहीं हुआ
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा,
“सरकार ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का वादा किया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया। छात्रों को न्याय नहीं मिल रहा है।”
RJD सांसद अभय कुमार सिन्हा ने JPC की मांग की
RJD सांसद अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रस्तावित कानून अपराध होने के बाद सजा पर ज्यादा केंद्रित है।
उन्होंने मांग की,
“इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाना चाहिए ताकि सभी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा हो सके।”
CPI (M) सांसद एस. वेंकटेशन बोले- NEET खत्म हो
CPI (M) सांसद एस. वेंकटेशन ने कहा, “NEET में सुधार नहीं, बल्कि इसे खत्म करने की जरूरत है। यह परीक्षा छात्रों पर अनावश्यक दबाव डालती है और कोचिंग उद्योग को बढ़ावा देती है।”
ये भी पढ़ेंः
ट्रंप ने ईरान को फिर दिखाया सैन्य कार्रवाई का डर, बोले- शांति से बातचीत होती रही तो ठीक, वरना फिर होगा हवाई हमला
DMK सांसद दयानिधि मारन ने भी उठाए सवाल
दयानिधि मारन ने कहा,
“आज देश के कई सफल डॉक्टरों ने कभी NEET नहीं दिया। फिर भी वे दुनिया के बेहतरीन डॉक्टर हैं। ऐसे में ‘वन इंडिया, वन एग्जाम’ की सोच उचित नहीं है।”
तेजस्वी सूर्या बोले- नई शिक्षा नीति से बदल रही व्यवस्था
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा,
“शिक्षा व्यवस्था की खामियां पुरानी हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के जरिए सरकार व्यापक सुधार कर रही है और भविष्य में इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।”
बांसुरी स्वराज बोलीं- आज के समय की जरूरत है यह कानून
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा,
“परीक्षा माफिया अब संगठित रूप ले चुका है। यह संशोधन विधेयक जांच, ट्रायल और सजा की समय-सीमा तय कर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाएगा।”
पेपर लीक विधेयक पर क्या है सरकार का दावा?
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि संशोधन विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों पर सख्त नियंत्रण करना है। सरकार के अनुसार प्रस्तावित संशोधन के तहत विशेष जांच तंत्र, तय समय सीमा में जांच और मुकदमे की प्रक्रिया तथा परीक्षा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
पूरा दिन आरोप-प्रत्यारोप में घिरी रही संसद
पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए संशोधन विधेयक पर गंभीर चर्चा के साथ-साथ शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी भी पूरे दिन छाई रही। विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा ने विपक्ष पर तथ्यहीन आरोप लगाने और सदन की गरिमा भंग करने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार शोर-शराबे की भेंट चढ़ी।
ये भी पढ़ेंः






