Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में आज, सोमवार को कामकाज काफी अहम रहने वाला है। लोकसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें केरल का नाम बदलने से जुड़ा विधेयक भी शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में दो विधेयक पेश करेंगे। वहीं राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पर चर्चा होगी। दूसरी ओर, विदेशी फंडिंग से जुड़े FCRA संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दल अपनी रणनीति तैयार करेंगे।
लोकसभा में पेश होंगे चार विधेयक
आज लोकसभा में चार विधेयक पेश किए जाने हैं। गृह मंत्री अमित शाह केरल (अल्टरेशन ऑफ नेम) बिल, 2026 पेश करेंगे। इस विधेयक का संबंध केरल के आधिकारिक नाम में प्रस्तावित बदलाव से है।
अमित शाह इसके अलावा नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एक्ट, 1962 में संशोधन से संबंधित विधेयक भी सदन में रखेंगे।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की ओर से ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026 पेश किया जाएगा। वहीं केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 में संशोधन से जुड़ा विधेयक सदन में पेश करेंगे।

राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पर चर्चा
राज्यसभा में आज बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पर चर्चा होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस विधेयक को सदन में पेश करेंगी।
यह विधेयक बैंकों की पुस्तकों और रिकॉर्ड को अदालतों में साक्ष्य के तौर पर पेश करने से जुड़ी मौजूदा कानूनी व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव करता है।
PM मोदी से मिल सकते हैं शरद पवार गुट के सांसद
इस बीच NCP (शरद पवार गुट) के सभी आठ सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। सांसदों की ओर से प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा गया है। मुलाकात होने पर इसमें महाराष्ट्र और पार्टी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
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FCRA संशोधन बिल को लेकर विपक्ष की बैठक
संसद के मानसून सत्र के आखिरी सप्ताह में FCRA संशोधन बिल को लोकसभा में पेश किए जाने की उम्मीद है। इसी को लेकर विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की आज बैठक होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस प्रस्तावित FCRA संशोधन बिल का विरोध करेगी। विपक्षी दल इस बैठक में बिल के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।
सरकार का क्या कहना है?
FCRA यानी Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010 विदेशी चंदे और विदेशी अंशदान को नियंत्रित करने से संबंधित कानून है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य विदेशी फंडिंग की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।
वहीं विपक्षी दलों को आशंका है कि प्रस्तावित बदलाव गैर-सरकारी संगठनों और अन्य संस्थाओं की विदेशी फंडिंग से जुड़ी गतिविधियों पर अतिरिक्त पाबंदियां लगा सकते हैं।
लालदुहोमा भी उठा चुके हैं FCRA का मुद्दा
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर FCRA से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दे और सुझाव रखे थे। उन्होंने बताया था कि बैठक में उन्होंने छह मुद्दे उठाए।
लालदुहोमा के अनुसार, उन्हें यह आश्वासन मिला कि प्रस्तावित बदलाव पिछली तारीख से लागू नहीं किए जाएंगे। बाकी मुद्दों पर संसद में 12 अगस्त से चर्चा शुरू होने की बात भी सामने आई है।
DMK और NCP भी विरोध में
FCRA संशोधन का विरोध करने वालों में DMK और NCP (SP) भी शामिल हैं। DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित बिल वापस लेने और FCRA, 2010 की धारा 15 को खत्म करने की मांग की है।
ऐसे में आज संसद में एक तरफ कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर कामकाज होगा, तो दूसरी तरफ FCRA संशोधन बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज होने के आसार हैं।
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