क्या अब्राहम लिंकन से समुद्र में कूद रहे अमेरिकी सैनिक? 7 मौतों के दावे पर CENTCOM का बड़ा खुलासा

USS Abraham Lincoln 7 deaths claim: अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन को लेकर सामने आ रही खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। करीब 5,000 नौसैनिकों और मरीन के साथ यह युद्धपोत लंबे समय से समुद्र में तैनात है। इसी बीच कुछ रिपोर्ट्स में जहाज पर सैनिकों की मानसिक स्थिति खराब होने और कई नाविकों के समुद्र में कूदने की कोशिश करने का दावा किया गया। यहां तक कि 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत की बात भी सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में कही गई। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी इस दावे की पुष्टि नहीं करती।

7 सैनिकों की मौत का दावा कितना सच?

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, USS अब्राहम लिंकन पर 7 सैनिकों की मौत होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। एक नाविक के समुद्र में गिरने की घटना जरूर सामने आई है। CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह घटना अगस्त की शुरुआत में हुई थी। नाविक को बाद में सुरक्षित निकाल लिया गया और उसे आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए जहाज से बाहर भेजा गया।

इसलिए समुद्र में गिरने की घटना को जहाज पर सात मौतों से जोड़ना सही नहीं है। हालांकि, जहाज पर कुछ नाविकों के जहाज के बाहर (Overboard) जाने की कोशिश की खबरों ने जरूर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमेरिकी नौसेना ने ऐसे मामलों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की है।

लंबे समय से समुद्र में है अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर

USS अब्राहम लिंकन की मौजूदा तैनाती इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी है। जहाज नवंबर 2025 से तैनात है और अब इसकी तैनाती 260 दिनों से ज्यादा हो चुकी है। करीब 5,000 नौसैनिक और मरीन इस लंबे मिशन का हिस्सा हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहाज को लंबे समय तक नियमित पोर्ट विजिट का मौका भी नहीं मिला।

परिवारों ने जहाज पर भोजन और पानी की उपलब्धता, मेल सर्विस में देरी, लंबे काम के घंटे और मानसिक दबाव को लेकर चिंता जताई है। कुछ परिवारों का कहना है कि लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर सैनिकों की मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है।

ये भी पढ़ेंः

सुखबीर बादल पर नांदेड़ के गुरुद्वारे में हमला, कृपाण से किया वार; हाथ में 5 सेंटीमीटर का कट, 7-8 टांके

परिवारों ने उठाए मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल

रिपोर्ट्स में कुछ सैनिकों के परिजनों ने दावा किया है कि उनके रिश्तेदार अत्यधिक थकान और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। एक मामले में एक नाविक की पत्नी ने बताया कि उसके पति ने जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की थी और बाद में उसे मेडिकल होल्ड पर रखा गया। एक अन्य मामले में एक नाविक ने अपने साथी को जहाज से नीचे जाने से रोकने में मदद की।

हालांकि, अमेरिकी नौसेना का कहना है कि जहाज पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता उपलब्ध है। इसमें काउंसलर, चैपलिन और मेडिकल प्रोफेशनल्स शामिल हैं। नौसेना के अनुसार, नेतृत्व लगातार नाविकों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर नजर रख रहा है।

रक्षा मंत्री ने रिपोर्ट्स को बताया गलत तरीके से पेश किया गया

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी USS अब्राहम लिंकन की स्थिति को लेकर सामने आई खबरों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जहाज पर हालात को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट्स को गलत तरीके से पेश किया गया बताया और नौसैनिकों के समर्थन में अमेरिकी नौसेना के प्रयासों का बचाव किया।

यानी अमेरिकी प्रशासन का रुख यह है कि जहाज पर स्थिति को जिस तरह से कुछ रिपोर्ट्स में पेश किया जा रहा है, तस्वीर उतनी खराब नहीं है। दूसरी ओर, सैनिकों के परिवारों और कुछ सांसदों की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।

अब USS जॉर्ज वॉशिंगटन संभालेगा मोर्चा

इस बीच USS जॉर्ज वॉशिंगटन को मध्य पूर्व की ओर भेजा जा रहा है। वह आगे चलकर USS अब्राहम लिंकन की जगह ले सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव लंबे समय से तय रोटेशन का हिस्सा था, हालांकि मौजूदा परिस्थितियों के बीच इससे अब्राहम लिंकन के लंबे समय से तैनात क्रू को राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या है पूरे मामले का सच?

फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर USS अब्राहम लिंकन पर 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत का दावा सही नहीं माना जा सकता। एक नाविक के समुद्र में गिरने की घटना हुई और उसे बचाया गया। साथ ही, कई नाविकों के समुद्र में कूदने की कोशिश से जुड़ी रिपोर्ट्स सामने आई हैं, लेकिन अमेरिकी नौसेना ने इन घटनाओं की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।

हालांकि, 260 दिनों से अधिक की लंबी तैनाती, सीमित पोर्ट विजिट, सप्लाई से जुड़ी शिकायतें और सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर परिवारों की चिंता ने अमेरिकी नौसेना की तैनाती व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

ये भी पढ़ेंः 

चमोली टनल हादसे में 9 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा; लैंडस्लाइड के बाद पानी-मलबे में फंसे थे 22 मजदूर

 

Spread the love

Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

Related Posts

इंडोनेशिया में भूकंप से भारी तबाही, अब तक 47 की मौत; कई इमारतें जमींदोज, अस्पतालों में मची अफरा-तफरी

Indonesia Earthquake Update: इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। भूकंप और उसके बाद आए झटकों से कई…

Spread the love

इंडोनेशिया में जोरदार भूकंप से तबाही, 2 की मौत; कई इमारतें ढहीं, तटीय इलाकों में मचा हड़कंप

Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप के तेज…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

इंडोनेशिया में भूकंप से भारी तबाही, अब तक 47 की मौत; कई इमारतें जमींदोज, अस्पतालों में मची अफरा-तफरी

इंडोनेशिया में भूकंप से भारी तबाही, अब तक 47 की मौत; कई इमारतें जमींदोज, अस्पतालों में मची अफरा-तफरी

सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् रोकने की कोशिश की? भाजपा के आरोप पर कांग्रेस का जवाब- खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं

सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् रोकने की कोशिश की? भाजपा के आरोप पर कांग्रेस का जवाब- खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं

जनगणना 2027: जाति, आधार, बैंक खाते और कोविड वैक्सीन तक पूछे जाएंगे 40 सवाल, पढ़िए पूरी लिस्ट

जनगणना 2027: जाति, आधार, बैंक खाते और कोविड वैक्सीन तक पूछे जाएंगे 40 सवाल, पढ़िए पूरी लिस्ट

लाल किले पर पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’, मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा; बोले- भारत अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहेगा

लाल किले पर पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’, मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा; बोले- भारत अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहेगा

इंडोनेशिया में जोरदार भूकंप से तबाही, 2 की मौत; कई इमारतें ढहीं, तटीय इलाकों में मचा हड़कंप

इंडोनेशिया में जोरदार भूकंप से तबाही, 2 की मौत; कई इमारतें ढहीं, तटीय इलाकों में मचा हड़कंप

बैंकॉक एयरपोर्ट पर 28 घंटे फंसे 200 भारतीय, तकनीकी खराबी के बाद आखिरकार दिल्ली रवाना हुई फ्लाइट

बैंकॉक एयरपोर्ट पर 28 घंटे फंसे 200 भारतीय, तकनीकी खराबी के बाद आखिरकार दिल्ली रवाना हुई फ्लाइट
× नोएडा दिल्ली झारखंड गुजरात ओडिशा उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल बिहार मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र उत्तराखंड पंजाब हरियाणा राजस्थान जम्मू-कश्मीर