Jayant Chaudhary: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ वाले बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई में पूरे जाट समाज को निशाना बनाना ठीक नहीं है।
जयंत चौधरी ने अखिलेश पर साधा निशाना
जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक लड़ाई में कुछ कहना ही था तो उनका नाम लेकर कहते। इस तरह पूरे जाट समाज को टारगेट करना सही नहीं है।
जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘ABCD हमने सिखाई’। जयंत ने अखिलेश पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस अहंकार को करीब से देखा है और यही राजनीतिक पतन की वजह बनता है।
सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते,
कोई बात नहीं थी…जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई?
मैं इस अहंकार को देख चुका हूँ करीब से और मानता हूँ ऐसा आचरण सिर्फ़ पतन लाता है!
— Jayant Singh (@jayantrld) August 21, 2026
क्या है ‘चवन्नी’ वाला विवाद?
दरअसल, कुछ दिन पहले अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में अपने राजनीतिक सहयोगियों को लेकर बिना नाम लिए आरएलडी और जयंत चौधरी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने अपने सहयोगियों को आगे बढ़ाने का काम किया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उनका साथ छोड़कर चले गए।
इसी दौरान अखिलेश यादव ने कहा था, ‘हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए।’ अखिलेश के इस बयान को आरएलडी ने जयंत चौधरी और जाट समाज से जोड़कर देखा और इसका विरोध किया।
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RLD पहले भी कर चुकी है विरोध
अखिलेश यादव के बयान के बाद आरएलडी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि इस तरह की टिप्पणी किसान समाज और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सम्मान से भी जुड़ती है। अब जयंत चौधरी के सीधे पलटवार से सपा और आरएलडी के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
2022 में साथ लड़े थे चुनाव
बता दें कि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था। दोनों दलों ने मिलकर चुनावी मैदान में बीजेपी के खिलाफ मोर्चा संभाला था। हालांकि, बाद में दोनों दलों के रास्ते अलग हो गए।
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी की आरएलडी ने समाजवादी पार्टी से दूरी बना ली और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा बन गई। इसके बाद से अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच कई मौकों पर राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली है।
अब ‘चवन्नी’ वाले बयान पर जयंत चौधरी के पलटवार ने यूपी की सियासत में एक बार फिर सपा और आरएलडी के रिश्तों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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