Karachi Electricity Crisis: पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई इलाकों में 12-12 घंटे या उससे ज्यादा समय तक बिजली कटौती होने से लोग परेशान हैं। बिजली संकट के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह सड़कें जाम कर दीं, जिससे शहर में घंटों तक ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही और हजारों लोग जाम में फंसे रहे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई इलाकों में रोजाना लंबे समय तक बिजली काटी जा रही है और कई बार कटौती की पहले से कोई जानकारी भी नहीं दी जाती। उनका कहना है कि बिजली नहीं होने से सिर्फ घरों में परेशानी नहीं हो रही, बल्कि पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। बिजली से चलने वाले पंपिंग स्टेशन बंद होने के कारण कई इलाकों में पानी की समस्या पैदा हो गई है।
बिजली कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग
कराची में बिजली संकट से नाराज लोगों और व्यापारियों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई घंटे तक ट्रैफिक प्रभावित रहा और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई।
प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने कहा कि लगातार बिजली कटौती का सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। दुकानों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में काम प्रभावित हो रहा है और गर्मी के बीच कर्मचारियों और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
K-Electric के कर्मचारियों और व्यापारियों में विवाद
बिजली संकट को लेकर कराची के व्यापारियों और बिजली कंपनी K-Electric के कर्मचारियों के बीच विवाद और झड़प की भी खबर सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने बिजली कंपनी से लंबे समय तक चल रही कटौती को खत्म करने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने की मांग की।
लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से बिजली के बिल का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
गरीबाबाद के रहने वाले एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि समय पर बिजली का बिल भरने के बावजूद उनके इलाके में करीब 12 घंटे बिजली नहीं रहती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के कारण लगे जाम की वजह से वह अपने घर तक भी नहीं पहुंच पाए।
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एंबुलेंस भी जाम में फंसी
बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन से लगे जाम का असर मरीजों और उनके परिजनों पर भी पड़ा। एक महिला ने बताया कि उनकी मां को बुखार था और वह उन्हें जांच के लिए क्लिनिक ले जा रही थीं। लेकिन उनकी एंबुलेंस करीब दो घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही।
इस घटना ने बिजली संकट के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था की समस्या को भी सामने ला दिया।
K-Electric ने बिजली चोरी को बताया बड़ी वजह
वहीं, बिजली कंपनी K-Electric का कहना है कि बिजली चोरी और बिलों की कम वसूली भी समस्या की बड़ी वजह है। कंपनी के मुताबिक, बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन कई इलाकों में बिजली चोरी जारी है और बड़ी रकम के बिल बकाया हैं।
कंपनी के सामने बिजली की मांग, उपलब्धता, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में खराबी जैसी कई चुनौतियां भी हैं। किसी इलाके में लाइन या ट्रांसफॉर्मर में तकनीकी खराबी होने पर निर्धारित लोडशेडिंग के अलावा भी बिजली सप्लाई बाधित हो सकती है।
गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग
कराची में गर्मी के दौरान बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है। लोग AC, पंखे और दूसरे कूलिंग उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इससे पीक टाइम में बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ जाता है। जब मांग और उपलब्ध बिजली के बीच अंतर बढ़ता है, तो लोडशेडिंग के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश की जाती है।
इसके अलावा पाकिस्तान के कई बिजली संयंत्र गैस और रीगैसिफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (RLNG) से चलते हैं। ईंधन की उपलब्धता में परेशानी होने पर बिजली उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भी बिजली गुल
कराची के अलावा पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भी शनिवार रात तेज बारिश के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। भारी बारिश के कारण कई सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए।
रावलपिंडी में नुल्लाह लाई का जलस्तर करीब 19 फीट तक पहुंच गया। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
फिलहाल कराची में बिजली संकट को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। लंबे समय तक बिजली कटौती, पानी की सप्लाई प्रभावित होने और कारोबार पर पड़ रहे असर के चलते लोगों की मांग है कि बिजली कंपनी और प्रशासन जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाले।
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