PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान रविवार को देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया गया। उज्बेक भाषा में इस सम्मान का अर्थ ‘उच्च स्तरीय मित्रता’ है। राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान प्रदान किया। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
‘यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, 140 करोड़ भारतीयों का’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत और दोस्ताना संबंधों का प्रतीक बताया।
“To be honored with Uzbekistan’s highest award is a moment of great pride for me.
This honour is not for one person but for 140 crore Indians.”
– PM Narendra Modi pic.twitter.com/Vzs080l6zP
— News Arena India (@NewsArenaIndia) August 30, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव का आभार जताया। पीएम मोदी ने लिखा, “धन्यवाद उज्बेकिस्तान! भारत-उज्बेकिस्तान की दोस्ती के प्रति उनकी गर्मजोशी, बारीकियों पर ध्यान और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का आभार।”
Thank you Uzbekistan!
Gratitude to President Mirziyoyev for his warmth, attention to detail and personal commitment to the India-Uzbekistan friendship.@president_uz pic.twitter.com/HrAPuz4ROX
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
ताशकंद में शास्त्री जी को PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे महान राजनेता को याद करते हैं, जिनकी राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और समर्पण आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
Paid homage to former Prime Minister Lal Bahadur Shastri Ji in Tashkent.
We remember a towering statesman whose unwavering commitment to the nation continues to inspire generations.
Toshkentda sobiq Bosh vazir Lal Bahodur Shastri Ji xotirasiga hurmat bajo keltirdim.
Biz… pic.twitter.com/wn06aHxSGi
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम सप्लाई पर चर्चा
सम्मान समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच ताशकंद में द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में यूरेनियम सप्लाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा की क्षमता बढ़ा रहा है। ऐसे में उज्बेकिस्तान जैसे देशों के साथ यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को मिली नई ऊंचाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताशकंद में राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ हुई बैठक के प्रमुख नतीजों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति बनी है।
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और अंतरिक्ष समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बाजार पहुंच, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
Key outcomes from today’s talks with President Shavkat Mirziyoyev in Tashkent include:
Elevation of India-Uzbekistan relations to a Comprehensive Strategic Partnership.
Boost trade to over 5 billion dollars by 2030.
Increase cooperation in infrastructure, DPI, AI, critical… pic.twitter.com/aSpqLm7iNt
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
कृषि, स्वास्थ्य और संस्कृति में सहयोग बढ़ाएंगे भारत-उज्बेकिस्तान
भारत और उज्बेकिस्तान कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। दोनों देश पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
इसके अलावा शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। दोनों देश उज्बेकिस्तान में मौजूद बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए भी मिलकर काम करेंगे।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों को भी बढ़ाया जाएगा, ताकि दोनों देशों के युवाओं के बीच संपर्क और आपसी समझ मजबूत हो सके।
India and Uzbekistan will:
Cooperate in agriculture and healthcare.
Scale up working in traditional medicines.
Encourage educational and cultural exchanges.
Work together for the conservation of Uzbekistan’s Buddhist heritage sites.
Have more youth exchange programmes. pic.twitter.com/vgPlfitUxX
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
2030 तक 5 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
भारत और उज्बेकिस्तान ने दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने का भी लक्ष्य तय किया है। दोनों पक्षों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार 1 अरब डॉलर से अधिक है। व्यापार बढ़ाने के लिए दोनों देश निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, खनिज, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
मध्य एशिया में भारत की बढ़ती सक्रियता
प्रधानमंत्री मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नहीं बल्कि मध्य एशिया में सक्रिय कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। भारत लंबे समय से मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
मध्य एशिया में तेल, गैस, यूरेनियम और दूसरे महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार हैं। भारत के लिए इन संसाधनों तक पहुंच ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
उज्बेकिस्तान के बाद किर्गिस्तान जाएंगे PM मोदी
उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे।
भारत वर्ष 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग सहित कई क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
शी जिनपिंग और पुतिन से मुलाकात की संभावना
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात होने की संभावना है।
इन मुलाकातों पर खास नजर रहेगी, क्योंकि SCO के मंच पर भारत के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन में भी शामिल होंगे मोदी
प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक में आयोजित होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन मध्य एशिया की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
किर्गिस्तान में PM मोदी के लिए तैयार होगा गुजराती खाना
प्रधानमंत्री मोदी के किर्गिस्तान दौरे को लेकर वहां रहने वाले भारतीय समुदाय में भी उत्साह है। बिश्केक स्थित गांधी रेस्टोरेंट के हेड शेफ चिन्मय बडोदेकर के मुताबिक, प्रधानमंत्री के लिए घर जैसा ताजा गुजराती खाना तैयार किया जाएगा।
नाश्ते में पोहा, उपमा और इडली-सांभर जैसे व्यंजन रखे जाएंगे। लंच में थेपला, दाल-चावल और गुजराती सब्जियां, जबकि डिनर में खिचड़ी-कढ़ी परोसी जाएगी।
भारत के लिए क्यों अहम है मध्य एशिया?
भारत के लिए मध्य एशिया का महत्व केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा से भी जुड़ा है।
- ऊर्जा सुरक्षा: तेल, गैस और यूरेनियम जैसे संसाधनों की उपलब्धता भारत के लिए महत्वपूर्ण है।
- महत्वपूर्ण खनिज: मध्य एशिया में कई रणनीतिक खनिजों के बड़े भंडार हैं।
- व्यापार विस्तार: भारत इस क्षेत्र के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाना चाहता है।
- कनेक्टिविटी: मध्य एशिया तक पहुंच के लिए नए परिवहन और व्यापार मार्ग विकसित करना भारत की प्राथमिकताओं में है।
- आतंकवाद के खिलाफ सहयोग: अफगानिस्तान की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर मध्य एशियाई देशों के साथ सहयोग महत्वपूर्ण है।
क्या है ‘ओली दाराजली दोस्तलिक’ सम्मान?
‘ओली दाराजली दोस्तलिक’ उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राज्य सम्मान है। इसका अर्थ ‘उच्च स्तरीय मित्रता’ बताया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के सम्मान में दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी को इससे पहले भी कई देशों के सर्वोच्च नागरिक और राज्य सम्मान मिल चुके हैं। उज्बेकिस्तान का यह सम्मान मिलने के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या 36 हो गई है।
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