Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीमें अलग-अलग 7 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 4,894 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 587 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
बचाव अभियान के दौरान पहाड़ी इलाकों में टूटे रास्ते, भारी मलबा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। सुरंगों में फंसे कर्मचारियों का पता लगाने के लिए रेस्क्यू टीमें ड्रोन, थर्मल कैमरों और अन्य उपकरणों की मदद ले रही हैं।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 1,356 लोगों की मौत हुई है। वहीं, तिब्बत में 43 लोगों की मौत हुई है और 519 लोग लापता हैं।
नेपाल ने मांगा 2 करोड़ डॉलर का मुआवजा
बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बाद नेपाल ने 2 करोड़ डॉलर यानी करीब 189 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को दिए इंटरव्यू में कहा कि जिन देशों के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से जलवायु परिवर्तन बढ़ रहा है, उन्हें प्रभावित देशों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
नेपाल का कहना है कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में उसका योगदान 0.1 प्रतिशत से भी कम है, इसके बावजूद जलवायु परिवर्तन का असर उस पर काफी ज्यादा पड़ रहा है। नेपाल में तापमान दुनिया के औसत तापमान की तुलना में करीब 50 प्रतिशत ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 30 वर्षों में नेपाल के पहाड़ों ने करीब एक-तिहाई बर्फ खो दी है।
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लापता भारतीयों के परिजनों से DNA सैंपल मांगे गए
26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद कुछ भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने लापता भारतीयों के परिजनों से DNA सैंपल जमा करने को कहा है। इससे चीनी अधिकारियों को बरामद शवों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
7 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
1. लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट: सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
2. चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (22 MW): नेपाली और भारतीय सेना की टीम करीब 115 मीटर अंदर सुरंग में पहुंची है।
3. अपर त्रिशूली-1 (216 MW): सुरंग में करीब 400 मीटर अंदर तक तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
4. मेलुंग खोला (5 MW): करीब 1 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन से तलाशी ली गई।
5. त्रिशूली-3A (60 MW): सुरंग और पावर हाउस में तलाश जारी है।
6. त्रिशूली-3B (37 MW): ड्रोन और थर्मल कैमरों से ऑफिस और आवासीय परिसर के आसपास तलाशी जारी है।
7. रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (111 MW): नेपाली सेना और रेस्क्यू टीमों ने सुरंग के रास्ते पावरहाउस और कंट्रोल पॉइंट तक पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। यहां लापता कर्मचारियों की तलाश जारी है।






