Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव टीमों ने मलबे से अब तक 6 शव बरामद किए हैं, जबकि 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल 5 लोगों को एम्स में भर्ती कराया गया है। मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
AIIMS में 11 घायलों को लाया गया, एक मरीज के पैर की सर्जरी हुई
बिल्डिंग हादसे के बाद JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, AIIMS में कुल 11 लोगों को लाया गया। अस्पताल की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें से 5 लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया था। वहीं, गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
फिलहाल 3 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। इनमें एक मरीज के पैर में गंभीर चोट थी, जिसकी सर्जरी की गई है। एक अन्य मरीज को मामूली चोटें आई थीं। इलाज के बाद उसकी हालत स्थिर होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
बेसमेंट में 7 दिन से चल रही थी तोड़फोड़
स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और PG में रहने वाले छात्रों के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में पिछले करीब 7 दिनों से तोड़फोड़ और खुदाई का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि बेसमेंट पहले से कमजोर था और उसमें पानी भी भरा हुआ था।
रविवार को खुदाई के दौरान एक पिलर खिसकने की बात सामने आई, जिसके बाद इमारत का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते पांच मंजिला पूरी इमारत ढह गई। हादसे के वक्त वहां काम कर रहे मजदूर भी मलबे में दब गए।
स्निफर डॉग और कैमरों से तलाश
हादसे के तुरंत बाद पुलिस, दमकल विभाग और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। स्निफर डॉग और कैमरों की मदद से मलबे के अंदर दबे लोगों की तलाश की जा रही है।
रेस्क्यू टीम बेहद सावधानी से मलबा हटा रही है, क्योंकि आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
पड़ोसी इमारत में भी आईं दरारें
हादसे के बाद आसपास की इमारतों का भी निरीक्षण किया गया। पड़ोस में बनी एक अन्य इमारत को खाली करा लिया गया है, क्योंकि उसमें भी दरारें दिखाई दी हैं।
रेस्क्यू टीमों के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान पड़ोसी इमारत के भी प्रभावित होने और गिरने का खतरा है। सुरक्षा के लिए वहां सपोर्टिंग पिलर्स लगाए जा रहे हैं।
40 साल पुरानी थी इमारत
40 साल पुरानी थी इमारत
गिरी हुई इमारत करीब 40 साल पुरानी थी और इसका निर्माण 1990 में हुआ था। हालांकि, MCD के रिकॉर्ड में इसे पहले से खतरनाक घोषित नहीं किया गया था। हादसे के बाद बेसमेंट में चल रहे निर्माण और तोड़फोड़ के काम के साथ-साथ इमारत की संरचनात्मक मजबूती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के बाद सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे में छह लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार सुबह घटनास्थल से रेस्क्यू ऑपरेशन के दृश्य सामने आए।
#WATCH दिल्ली: साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग गिरने के बाद सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। 6 लोगों की मौत हो गई है।
(घटनास्थल से सुबह का वीडियो) pic.twitter.com/CrjJ9cEa7V
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 7, 2026
बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR, तलाश में पुलिस टीम
पुलिस ने बिल्डिंग मालिक आनंद बंसल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है।
एडिशनल DCP अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे सूचना मिलने के बाद पुलिस, NDRF और अन्य टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक 10 छात्रों को बाहर निकाला गया है, जबकि 5 को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया गया। बिल्डिंग मालिक की तलाश में पुलिस टीम भेजी गई है। हादसे की वजह और बेसमेंट में चल रहे काम की भी जांच की जा रही है। NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है।
#WATCH दिल्ली: सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर एडिशनल DCP दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस अभिमन्यु पोसवाल ने कहा, “हमें दोपहर करीब 1:30 बजे PCR कॉल मिली कि एक बिल्डिंग गिर गई है। दिल्ली पुलिस के साउथ कैंपस स्टेशन के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुँचे और पता चला कि यह एक PG अकोमोडेशन… pic.twitter.com/8HDFYWaOzA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 6, 2026
CM रेखा गुप्ता ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने की घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच में हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की पड़ताल की जाएगी।
दिल्ली की मेयर प्रवेश वाही ने भी कहा है कि चार मंजिल से ज्यादा वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें बर्खास्त करने की बात भी कही है।
Following an on-site review and based on the preliminary assessment, Chief Minister has ordered a Magisterial Inquiry of the incident and FIR against the building owner.
Those found responsible for this grave incident will be held fully accountable and dealt with under the…
— CMO Delhi (@CMODelhi) September 6, 2026
जर्जर इमारतों पर MCD का नोटिस
6 सितंबर के MCD आदेश में सत्य निकेतन में बनी जर्जर और खतरनाक इमारतों को गिराने के लिए नोटिस लगाए जाने की बात सामने आई है। हादसे के बाद इलाके में ऐसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।
Satya Niketan building collapse | It has been noticed that the premises of Building/House No. 13, Satya Niketan, New Delhi has been occupied at the site. The property is in a ruinous, dangerous condition and in any way dangerous to any person occupying, resorting to, or passing… pic.twitter.com/XxhO9PlCcl
— ANI (@ANI) September 6, 2026
छात्रों का प्रमुख इलाका है सत्य निकेतन
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थान हैं।
छात्रों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के कारण इलाके में दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल मलबे में दबे संभावित लोगों की तलाश जारी है और बचाव दल बेहद सावधानी से मलबा हटाने में जुटे हैं।
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