Vijay Mallya: लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर सवाल उठाया है। बुधवार देर रात X पर कई पोस्ट करते हुए माल्या ने भारत सरकार पर उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वह भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण फिलहाल देश छोड़ नहीं सकते।
माल्या ने यह भी दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में ₹14,000 करोड़ से ज्यादा की रकम बैंकों को दिए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उनकी बात पर भरोसा करने के बजाय ED की ओर से अदालत में कही गई बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
‘मैं 1992 से UK का स्थायी निवासी हूं, कानूनी तौर पर देश छोड़ने पर रोक’
माल्या ने कहा कि जो लोग उन्हें भारत आने से इनकार करने वाला ‘भगोड़ा’ कहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि वह 1992 से यूनाइटेड किंगडम के स्थायी निवासी हैं। उनका दावा है कि मौजूदा समय में उन्हें कानूनी तौर पर ब्रिटेन छोड़ने से रोक दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला भारत सरकार की ओर से की गई ‘पोस्टर बॉय’ कार्रवाई से शुरू हुआ और उनके मामले में उनके साथ बेहद अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया।
For all who say I am a bhagoda refusing to come to India, please be aware that I have been a permanent resident of the United Kingdom since 1992 and am currently legally prohibited from leaving this country. All this started with poster boy actions by the Government of India who…
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) September 8, 2026
‘स्थायी निवास और नागरिकता का अंतर समझें’
माल्या ने अपने ट्वीट्स पर मिली प्रतिक्रियाओं का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के लिए वह उनका धन्यवाद करते हैं और उनकी राय का सम्मान करते हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग स्थायी निवास (Permanent Residency) और नागरिकता (Citizenship) के बीच का अंतर नहीं समझते और यह मानते हैं कि बैंकों को पैसा लौटाना किसी व्यक्ति की शारीरिक मौजूदगी पर निर्भर करता है, उन्हें इस बारे में दोबारा सोचना चाहिए।
Thank you all for your mixed replies to my tweets. Love and hate go hand in hand and I respectfully accept that whilst humbly accepting your opinions. But for those who do not understand the difference between permanent residency and citizenship and for those who think that…
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) September 9, 2026
‘ED ने 2021 में बैंकों को ₹14,000 करोड़ से ज्यादा दिए’
माल्या ने ED की ओर से अदालत में दाखिल हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि एजेंसी ने 2021 में बैंकों को ₹14,000 करोड़ से अधिक की रकम दी थी।
उन्होंने कहा, “अगर आपको मेरी बात पर भरोसा नहीं है तो मैं जो कह रहा हूं उसे भूल जाइए। ध्यान उस बात पर दीजिए जो प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में कही है।”
माल्या ने दावा किया कि ED के हलफनामे में ₹14,131.60 करोड़ की वसूली का उल्लेख है। उन्होंने हलफनामे के पैराग्राफ 7 और 17 का हवाला देते हुए वसूली से जुड़ी एक टेबल भी साझा की।
And may I say again, affidavit filed in Court by the most feared criminal agency the Enforcement Directorate confirms that they handed over Rs 14,000 plus crores to the Banks in 2021. Forget what I say if you don’t trust me. Focus on what the Enforcement Directorate said.
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) September 9, 2026
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‘ED ने किंगफिशर कर्मचारियों को ₹350 करोड़ से ज्यादा दिए’
माल्या ने यह भी दावा किया कि ED ने उनकी अटैच की गई संपत्तियों और फंड से ₹350 करोड़ से अधिक की राशि किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए जारी की थी।
उन्होंने कहा कि वह खुद कर्मचारियों का भुगतान नहीं कर सके, क्योंकि ED ने उनकी संपत्तियों और फंड को अटैच कर रखा था।
माल्या ने लोगों से इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने की अपील भी की।
For all you naysayers, please independently verify and see that the ED released over Rs 350 crores to pay Kingfisher employees from my attached funds. I could not pay because ED attached my assets/funds.
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) September 8, 2026
‘फिर भी मुझे धोखेबाज क्यों कहा जाता है?’
माल्या ने सवाल उठाया कि जब बैंकों को बड़ी रकम वापस मिल चुकी है तो उन्हें अब भी ऐसे व्यक्ति के तौर पर क्यों पेश किया जाता है, जिसने बैंकों को धोखा दिया।
उन्होंने वसूली का हिसाब दिखाने वाली टेबल साझा करते हुए मीडिया की रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाए। माल्या ने पूछा कि उन्हें लगातार निशाना बनाने के बजाय यह सवाल क्यों नहीं पूछा जाता कि उन्हें उनका रिफंड कब मिलेगा।
‘शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं’
अपनी पोस्ट में माल्या ने हाल के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने अपने साथ हुए और जारी अन्याय पर तंज करते हुए लिखा कि उन्हें लगता है कि शायद उन्हें कॉकरोच बन जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “शायद कॉकरोच की दुनिया में जिंदगी बेहतर हो।”
With all the injustices I have faced and continue to face, I wonder if I should become a cockroach. Maybe a better life on the cockroach side.
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) September 9, 2026
मार्च 2016 में भारत छोड़कर गया था माल्या
विजय माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। इसके बाद 2019 में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था।
माल्या पर बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से लिए गए करीब ₹9,000 करोड़ के कर्ज के डिफॉल्ट से जुड़े आरोप हैं। भारत सरकार लंबे समय से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।
क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम?
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) उन आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाया गया है, जो भारतीय अदालतों की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर चले जाते हैं।
इस कानून के तहत अदालतों को आरोपी की भारत और विदेश में मौजूद संपत्तियों को अटैच करने और उन्हें नीलाम या बेचकर बैंकों का बकाया वसूलने का अधिकार मिलता है।
फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी थी अंतिम मोहलत
इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जो व्यक्ति जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचता है, वह न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता।
अदालत ने माल्या को यह बताने के लिए अंतिम मौका दिया था कि वह भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। उनकी याचिका भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत चल रही कार्रवाई से जुड़ी थी।
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