Putin Modi Meeting: नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित BRICS बिजनेस फोरम में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और बदलते आर्थिक शक्ति संतुलन पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत BRICS देशों के नेताओं ने वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग को लेकर अपने विचार रखे।
इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और G7 पर तंज कसा। उन्होंने BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम का दबदबा अब पहले जैसा नहीं रहा।
पुतिन बोले– दुनिया में हो रहे हैं गहरे और बड़े बदलाव
BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि यह कार्यक्रम BRICS शिखर सम्मेलन की परंपरागत शुरुआत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि BRICS देशों के कारोबारी समुदायों के बीच बढ़ते संपर्क और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में लगातार रुचि बढ़ रही है।
पुतिन ने कहा कि भरोसेमंद बिजनेस-टू-बिजनेस संबंध और आर्थिक साझेदारी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की रीढ़ हैं। इससे आर्थिक रिश्ते मजबूत और ज्यादा लचीले बनते हैं तथा दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय संरचनात्मक, गहरे और व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है।
VIDEO | BRICS Business Forum: Russian President Vladimir Putin says, “Excellency, Honourable Prime Minister, colleagues, excellencies, heads of state, friends in the audience, representing the business communities of our countries, our today’s event, as is tradition, is a prelude… pic.twitter.com/tNNyhFtq4T
— Press Trust of India (@PTI_News) September 11, 2026
BRICS की ताकत पर पुतिन का जोर
पुतिन ने BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि BRICS देशों की अर्थव्यवस्था लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रभाव पर भी सवाल उठाए।
पुतिन के मुताबिक, PPP यानी क्रय शक्ति समानता के आधार पर BRICS देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी करीब 40% है, जबकि G7 की हिस्सेदारी इससे कम है।
उन्होंने पश्चिमी देशों पर तंज कसते हुए कहा कि पश्चिम अब कमजोर हो रहा है और उनका दबदबा पहले जैसा नहीं रहा।
“पश्चिम अब कमजोर हो रहा है, पता नहीं ये देश खुद को G7 क्यों कहते हैं। दुनिया की 40% से ज्यादा GDP BRICS देशों से आई, G7 की हिस्सेदारी सिर्फ 29% रही।”
मोदी बोले– BRICS में दुनिया की आधी आबादी
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “आज BRICS देश दुनिया की 50% आबादी, 40% GDP और वैश्विक व्यापार के 25% से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2006 में चार देशों से शुरू हुआ BRICS अब 21 देशों के परिवार के रूप में विस्तार कर चुका है। उन्होंने कहा कि BRICS का विस्तार इसकी बढ़ती वैश्विक प्रासंगिकता को दिखाता है।
मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक व्यापार को बढ़ाना चाहता है। इसके लिए सुरक्षित और निर्बाध समुद्री रास्ते बेहद जरूरी हैं। समुद्री मार्गों की सुरक्षा वैश्विक सप्लाई चेन और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संघर्षों का समाधान डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए ही निकाला जा सकता है। भारत शांति के प्रयासों में मदद के लिए तैयार है।
‘Today, BRICS countries represent 50% of the world’s population, 40% of the world’s GDP and more than 25% of global trade’
PM Modi says BRICS has expanded from four countries in 2006 to a ‘family of 21 countries’ https://t.co/bMMCCcG0EC pic.twitter.com/ZmIZktjsTa
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G7 का प्रभाव अब भी मजबूत
हालांकि, BRICS की बढ़ती आर्थिक हिस्सेदारी के बावजूद G7 को पूरी तरह कमजोर नहीं माना जा सकता। डॉलर, अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग, निवेश, वित्तीय व्यवस्था और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का प्रभाव अब भी काफी मजबूत है।
वहीं BRICS की प्रमुख ताकत बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधन, ऊर्जा क्षमता और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में दोनों समूहों के बीच वैश्विक आर्थिक शक्ति संतुलन को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
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मोदी ने BRICS देशों से व्यापार बाधाएं हटाने को कहा
“मैं BRICS बिजनेस काउंसिल से आग्रह करता हूं कि वह BRICS देशों के बीच व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं को दूर करने के लिए एक रिपोर्ट तैयार करे। आइए, BRICS की महत्वाकांक्षाओं को कार्रवाई में बदलें और अपनी सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधान में बदलें। BRICS आगे बढ़े और दुनिया को भी आगे बढ़ाने में मदद करे।”
VIDEO | “I urge BRICS Business Council to prepare report on removing top ten trade barriers among BRICS nations; let’s transform BRICS’ ambitions into action and our collective strength into global solution; may BRICS move forward and propel the world forward as well”, says PM… pic.twitter.com/mnY0IPRKts
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बिजनेस फोरम में 4 BRICS नेताओं के अहम बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत: संघर्षों का समाधान डायलॉग और डिप्लोमेसी से ही निकलेगा। भारत शांति के प्रयासों में मदद के लिए तैयार है।
राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, ईरान: BRICS देशों को आपसी कारोबार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाना चाहिए।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूस: BRICS की अर्थव्यवस्था का आकार लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी देशों का दबदबा अब पहले जैसा नहीं रहा।
राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, साउथ अफ्रीका: दुनिया अफ्रीकी देशों के खनिज संसाधनों का इस्तेमाल करती है, लेकिन इसके साथ अफ्रीकी देशों में निवेश भी होना चाहिए।
पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में करीब 45 मिनट बैठक हुई। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचे।
बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी के हालात पर भी चर्चा हुई। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस समिट के लिए रूस आने का न्योता दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया।
मोदी–पुतिन बैठक से सकारात्मक नतीजों की उम्मीद
रूसी दूतावास के प्रेस सचिव पेट्र सिजोव ने कहा, “दोनों नेताओं ने 25 मिनट से अधिक समय तक बातचीत की। इस बैठक से कई सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और हमें उम्मीद है कि BRICS शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।”
VIDEO | Delhi: “Both leaders (PM Modi and President Putin) spoke for over 25 minutes. There will be many positive outcomes from the meeting, and we hope significant strides will be made at the BRICS Summit,” says Petr Sizov, Press Secretary, Russian Embassy in India, after the… pic.twitter.com/rAzIF5HQvd
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मोदी–पजशकियान के बीच पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया के हालात और दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
दोनों नेताओं की करीब दो हफ्ते में यह दूसरी मुलाकात है। राष्ट्रपति बनने के बाद पजशकियान की यह पहली भारत यात्रा है।
उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका की ओर से ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिति के साथ भारत-ईरान संबंधों को मजबूत करने के मुद्दों पर भी चर्चा की।
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