Earthquake: जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली-NCR तक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप ने जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों को हिला दिया। एक के बाद एक दो झटकों से जम्मू-कश्मीर के लोग सहम उठे। ऐसा ही कुछ नजारा दिल्ली-NCR में भी देखने को मिला है। दिल्ली-NCR में भूकंप की वजह से लोग दफ्तरों से बाहर आ गए। वहीं, रिहायशी इलाकों में भी लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अभी तक राजधानी दिल्ली समेत अन्य जगहों से इस भूकंप में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता का भूकंप
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में था। इससे अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया है। बात करें दिल्ली-एनसीआर की तो इस साल आया यह तीसरा भूकंप है। इससे पहले जनवरी में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। पहले 19 जनवरी को 2.8 तीव्रता का भूकंप आया, इसका केंद्र नॉर्थ दिल्ली था।
दिल्ली में इससे पहले 30 जनवरी को आया था भूकंप
बता दें कि 30 जनवरी की रात 3.2 तीव्रता वाला भूकंप आया था। इसका केंद्र दिल्ली के उत्तर-पूर्व करीब 60-80 किमी दूर था। हालांकि, इन दोनों झटकों में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ था।
बता दें कि भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से यह क्षेत्र काफी संवेदनशील है। खासकर देश की राजधानी दिल्ली भूकंप की उच्चतम संभावना वाले क्षेत्रों में से एक है।
जानिए दिल्ली किस जोन में आती है
भारतीय मानक ब्यूरो ने भूकंप की तीव्रता और आवृत्ति के लिहाज से देश को 4 भूकंपीय क्षेत्रों में बांटा है: जोन II, जोन III, जोन IV, जोन V। जोन II कम जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्रों में आता है।
इसमें यूपी का प्रयागराज, महाराष्ट्र का औरंगाबाद, कर्नाटक का बेंगलुरु, बंगाल का दुर्गापुर, छत्तीसगढ़ का भिलाई, एमपी का भोपाल, आंध्र प्रदेश का हैदराबाद, राजस्थान का जयपुर शामिल हैं। जोन IV ज्यादा जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्र में है। यहां भूकंप की तीव्रता 6 से 6.9 तक हो सकती है। दिल्ली इसी जोन में आती है।







