Iranian suicide bombers being prepared in London: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को 60 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन शांति की उम्मीदों के बीच लंदन से आई एक खबर ने पूरी दुनिया को दहला दिया है। ब्रिटेन स्थित ईरानी दूतावास ने ‘जन फिदा’ (Jan Fada) मिशन के जरिए वहां रह रहे ईरानियों को अपनी जान कुर्बान करने और ‘शहादत’ के लिए साइन-अप करने का खुला आह्वान किया है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां पश्चिमी देशों में ‘स्लीपर सेल’ तैयार करने की साजिश मान रही हैं।
तपती गर्मी के बीच मिडिल ईस्ट के हालात किसी ज्वालामुखी की तरह धधक रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े इस संघर्ष को 60 दिन पूरे हो चुके हैं। इस टकराव की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया था। अब यह जंग सिर्फ सरहदों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लंदन की गलियों तक पहुंचती नजर आ रही है। लंदन स्थित ईरानी दूतावास के एक ताजा कदम ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है, जिसे विशेषज्ञ ‘रूस के प्लेबुक’ से भी ज्यादा खतरनाक बता रहे हैं।
ईरानी दूतावास की इस कथित भर्ती मुहिम ने अमेरिका और ब्रिटेन में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधे तौर पर कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और ब्रिटेन की धरती पर ‘स्लीपर सेल’ तैयार करने की कोशिश हो सकती है। पूर्व सुरक्षा निदेशक रोजर मैकमिलन ने चेतावनी दी है कि ईरान सिर्फ ईरानियों को ही नहीं, बल्कि किसी भी ऐसे व्यक्ति को तलाश रहा है जो उनके लिए ‘शहीद’ बनने को तैयार हो। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर अब दबाव बढ़ गया है कि वे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन घोषित करें। उधर, अमेरिका में भी इस खबर के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।
ईरान ने कहा- ‘अमेरिका-इजरायल के साथ जंग जारी रहेगी’
ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के बीच तेहरान ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक शांति की उम्मीदों को झटका दिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अक्रमीनिया ने साफ कहा है कि ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ अपनी जंग तब तक जारी रखेगा, जब तक उसका राजनीतिक नेतृत्व इसे जरूरी समझेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान इस युद्ध को खत्म नहीं मानता और उसकी सेना ने अपने लक्ष्यों की सूची और सैन्य रणनीति को पूरी तरह अपडेट कर लिया है। इतना ही नहीं, IRGC से जुड़ी ‘फार्स’ न्यूज एजेंसी ने भी दावा किया है कि ईरान लगातार निगरानी और सर्विलांस कर रहा है। अक्रमीनिया ने सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर दुश्मन ने कोई नई कार्रवाई की, तो ईरान नए हथियारों, नई रणनीतियों और नए युद्धक्षेत्रों के साथ जवाब देगा।






