US-Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान इस समय कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है और जल्द से जल्द होर्मुज स्ट्रेट को खोलना चाहता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तेहरान “कोलैप्स जैसी स्थिति” से जूझ रहा है और समुद्री रास्ते बहाल करने के लिए उत्सुक है, ताकि तेल और व्यापार की आवाजाही सामान्य हो सके।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान अपनी आंतरिक नेतृत्व स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हालात उसके लिए चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तलाएई-निक ने कहा कि उनका देश किसी भी दबाव में आने वाला नहीं है और अमेरिका को अपनी “अनुचित शर्तें” वापस लेनी होंगी।
फिलहाल अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच सीजफायर लागू है, लेकिन स्थायी समाधान को लेकर बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है।
दरअसल, पूरा विवाद दो अहम मुद्दों पर अटका है। होर्मुज स्ट्रेट को खोलना और ईरान का परमाणु कार्यक्रम। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल सप्लाई का अहम मार्ग है, ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार को सीधे प्रभावित करता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने बातचीत के लिए नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें तीन प्रमुख शर्तें रखी गई हैं। पहले युद्ध खत्म हो और भविष्य में हमले न करने की गारंटी मिले, इसके बाद समुद्री नाकेबंदी हटाई जाए और होर्मुज खोला जाए, और अंत में परमाणु कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर बातचीत हो।
हालांकि ट्रंप प्रशासन इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है। अमेरिकी पक्ष का मानना है कि यदि परमाणु कार्यक्रम पर ठोस समझौता किए बिना होर्मुज खोल दिया गया, तो बातचीत में उसका दबदबा कमजोर पड़ सकता है।
इसी कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी होने के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पा रहा है, और पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है।






