Big Relief for India: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने भारत को लेकर एक अहम और भरोसा दिलाने वाला बयान दिया है। भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली ने साफ कहा है कि संघर्ष के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
एक इंटरव्यू में फतहाली ने बताया कि जो देश अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं हैं, उनके जहाज सामान्य रूप से इस अहम समुद्री मार्ग से गुजर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई भारतीय जहाज पहले ही सुरक्षित रूप से इस रास्ते का इस्तेमाल कर चुके हैं।
चाबहार परियोजना पर भी अपडेट
राजदूत ने चाबहार पोर्ट को भारत और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए बेहद रणनीतिक बताया। उनके मुताबिक चाबहार-जोहेदान रेलवे लाइन का करीब 90% काम पूरा हो चुका है और जल्द ही ट्रैक बिछाने का कार्य भी खत्म कर लिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
फतहाली ने कहा कि ईरान में रह रहे करीब 10 हजार भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान अपने नागरिकों और भारतीयों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं करता और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
क्यों अहम है यह बयान?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति होती है। ऐसे में ईरान का यह बयान भारत के लिए न सिर्फ आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी राहत देने वाला माना जा रहा है।






