Karnataka CM Oath Ceremony: कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कांग्रेस नेता D. K. Shivakumar आज (3 जून) मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शाम 4 बजे लोकभवन में राज्यपाल थावर चंद गहलोत उन्हें (डी.के. शिवकुमार) पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद सिद्धारमैया के इस्तीफे के पश्चात शिवकुमार राज्य की कमान संभालेंगे।
पहले चरण में 10-12 मंत्री ले सकते हैं शपथ
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के साथ पहले चरण में 10 से 12 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के बाद किए जाने की संभावना है। इस संबंध में शिवकुमार और सिद्धारमैया ने हाल ही में नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ विस्तृत बैठक की थी।
इन नेताओं को मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, शपथ लेने वाले संभावित मंत्रियों में ये नाम प्रमुख हैंः
- जी परमेश्वर
- प्रियांक खड़गे
- रामलिंगा रेड्डी
- एम. बी. पाटिल
- यतींद्र सिद्धारमैया
इसके अलावा क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए कुछ अन्य नेताओं को भी मौका मिल सकता है।
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सिद्धारमैया बने कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद कांग्रेस ने सिद्धारमैया को नई जिम्मेदारी दी है। पार्टी ने उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किया है। इसे कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उनके राजनीतिक अनुभव और योगदान को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर रहेगा फोकस
सूत्रों का कहना है कि शिवकुमार सरकार के मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिल सकता है। लिंगायत, दलित, ओबीसी और अन्य समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। कई उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना पर भी चर्चा है।
शिवकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती
कर्नाटक मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन मंत्री पद के दावेदारों की संख्या इससे कहीं अधिक है। ऐसे में शिवकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती वरिष्ठ नेताओं, क्षेत्रीय समीकरणों और समर्थक गुटों के बीच संतुलन बनाकर असंतोष को नियंत्रित रखने की होगी।
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