West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के लिए पार्टी के भीतर जारी असंतोष अब बड़े राजनीतिक संकट का रूप लेता दिख रहा है। न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, TMC के बागी गुट ने 19 लोकसभा सांसदों की सूची जारी की है, जिनके पार्टी नेतृत्व से अलग होने का दावा किया गया है।
बागी गुट का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष ने दावा किया है कि 20 लोकसभा सांसदों के समर्थन वाला पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजा गया है। इस सूची में आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान और जादवपुर से सांसद सायोनी घोष का नाम भी शामिल बताया गया है। सायोनी घोष को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है।

हालांकि, TMC ने इन दावों को खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ता मानव जायसवाल ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा और सायोनी घोष अब भी ममता बनर्जी के साथ हैं और पार्टी छोड़ने की खबरें सही नहीं हैं।
राज्यसभा में भी बढ़ी मुश्किलें
बुधवार को TMC की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले 8 जून को राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने भी पार्टी और राज्यसभा सदस्यता छोड़ दी थी। पिछले तीन दिनों में दो राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे ने पार्टी की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
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बागी गुट के दावों के मुताबिक, लोकसभा में TMC के 28 सांसदों में से 20 और राज्यसभा के 13 सांसदों में से 2 सांसद पार्टी नेतृत्व से अलग हो चुके हैं। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विधानसभा में भी बगावत
संकट केवल संसद तक सीमित नहीं है। 3 जून को पश्चिम बंगाल विधानसभा में TMC के 80 में से 58 विधायकों के अलग गुट बनाने का दावा सामने आया था। इन विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाने के लिए स्पीकर को पत्र सौंपा था।
बुधवार को ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उनके साथ अब 64 विधायक हैं और बाकी विधायक भी जल्द ही अपना समर्थन पत्र सौंपेंगे।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
यदि बागी गुट के दावे सही साबित होते हैं, तो यह TMC के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक टूट साबित हो सकती है। लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा तीनों स्तरों पर बढ़ती नाराजगी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में स्पीकर और निर्वाचन आयोग के स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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