राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: 70 घटनाएं CCTV में कैद, जेब-जूतों में नोट छिपाते दिखे कर्मचारी; SIT की शुरुआती रिपोर्ट में बड़े खुलासे

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट की बैठक और चंपत राय व डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों के बाद सोमवार रात करीब 9 बजे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच चढ़ावे की गिनती के दौरान हुई करीब 70 संदिग्ध घटनाएं CCTV कैमरों में कैद हुईं। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए कई कर्मचारी नोटों की गड्डियां अपनी जेब, कपड़ों और जूतों-मोजों में छिपाकर गिनती कक्ष से बाहर ले जाते दिखाई दिए, जिससे चढ़ावा चोरी के मामले में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक यह कोई एक-दो बार की घटना नहीं थी, बल्कि लगातार दोहराई जा रही संगठित गतिविधि थी। जांच टीम का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर आरोपी लंबे समय तक चोरी करते रहे।

अनिल मिश्रा की भूमिका पर उठे सवाल

SIT की शुरुआती रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती और नकदी प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था को लेकर डॉ. अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वह वित्तीय मामलों और नकदी संग्रहण व्यवस्था की निगरानी से जुड़े थे। बैंक के साथ चढ़ावे की गिनती और जमा प्रक्रिया के लिए तैयार किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और अन्य व्यवस्थाओं में भी उनकी अहम भूमिका थी।

जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों की नियमित तलाशी नहीं होने की जानकारी उन्हें पहले ही मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था सुधारने के लिए कोई प्रभावी लिखित आदेश जारी नहीं किए गए। SIT का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था में यह ढिलाई चोरी की घटनाओं को रोकने में नाकाम रही।

70 बार कैमरे में कैद हुई संदिग्ध हरकतें

रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून तक की CCTV फुटेज की जांच में लगभग 70 ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिनमें चढ़ावे की गिनती कर रहे कर्मचारी संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दिए।

फुटेज में कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियां जेबों में रखते, कुछ कपड़ों के अंदर छिपाते, जबकि कई जूते और मोजों में नकदी छिपाकर बाहर निकलते नजर आए। जांच टीम के अनुसार, कई मौकों पर कर्मचारी एक-दूसरे को इशारों के जरिए सतर्क भी करते दिखाई दिए ताकि किसी की नजर उन पर न पड़े।

SIT ने इसे सुनियोजित तरीके से की जा रही लगातार चोरी बताया है।

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सुरक्षा व्यवस्था में मिली कई बड़ी खामियां

प्राथमिक जांच रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती की पूरी व्यवस्था को गंभीर रूप से कमजोर बताया गया है। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं।

रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था नहीं थी, निर्धारित यूनिफॉर्म लागू नहीं थी और निजी सामान गिनती वाले कमरे में ले जाने पर प्रभावी रोक भी नहीं थी। इसके अलावा दानपेटियों से निकली नकदी का पूरा रिकॉर्ड, दैनिक रिपोर्टिंग और निगरानी व्यवस्था भी पर्याप्त मजबूत नहीं पाई गई।

सबसे बड़ी चूक यह रही कि गिनती वाले कमरे से बाहर निकलते समय कर्मचारियों की नियमित तलाशी नहीं ली जाती थी। SIT का कहना है कि इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपी नकदी बाहर ले जाने में सफल होते रहे।

चंपत राय के ड्राइवर और उसके भतीजे का भी जिक्र

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के गिनती वाले कमरे की चाबी रहती थी। जांच में यह भी सामने आया कि उसने अपने भतीजे मनीष यादव को सिफारिश के जरिए चढ़ावे की गिनती के कार्य में लगवाया था। SIT इस पूरे पहलू की भी जांच कर रही है।

सरकार को सौंपी गई प्राथमिक रिपोर्ट

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था। टीम ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, जिसे अब सार्वजनिक किया गया है।

अभी जांच जारी, अंतिम रिपोर्ट में हो सकते हैं और खुलासे

SIT ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्राथमिक जांच रिपोर्ट है। मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अंतिम रिपोर्ट में निगरानी व्यवस्था में हुई चूक, अधिकारियों की जवाबदेही, अन्य संभावित लोगों की भूमिका और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाए जाने वाले सुधारात्मक उपायों का विस्तृत उल्लेख किया जाएगा।

जांच एजेंसी का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट में इस पूरे मामले से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

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Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

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