Trump Threatens Iran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान उनकी हत्या करता है तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, जिसे इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य हमला माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पहले ही आवश्यक आदेश जारी कर चुके हैं।
न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा,
“मैं लंबे समय से ईरान के निशाने पर हूं। अगर मेरे साथ कुछ भी होता है तो ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर अब समाप्त हो चुका है।
इसी बीच इजराइली मीडिया कान न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ने इजराइल से अपने 12 अत्याधुनिक F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट वापस बुलाने शुरू कर दिए हैं। ये लड़ाकू विमान फरवरी से इजराइल के ओवदा एयरबेस पर तैनात थे। रिपोर्ट के अनुसार, इन्हें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए भेजा गया था और हालिया हमलों में भी इनका इस्तेमाल किया गया।
ईरान का जवाब- सरेंडर नहीं करेंगे
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने साफ कहा कि उनका देश किसी भी कीमत पर अमेरिका के सामने झुकेगा नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका किसी समझौते से पीछे हटता है या ईरान को धोखा देने की कोशिश करता है तो उसका जवाब पूरी सैन्य ताकत से दिया जाएगा।
गालिबाफ ने कहा,
“हमने अपनी रक्षा तैयारियां कभी नहीं रोकी हैं। अगर अमेरिका समझौते से मुकरता है तो हम पूरी क्षमता के साथ जवाब देंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भले ही युद्ध खत्म होते देखना चाहती हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ईरान आत्मसमर्पण करेगा।
धर्मगुरु बोले- कुछ लोग चाहते हैं जंग जारी रहे
ईरान के धर्मगुरु सैयद अली खोमैनी ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि अमेरिका के साथ युद्ध जारी रहे ताकि राष्ट्रपति ट्रंप को राजनीतिक नुकसान पहुंचे। उनके मुताबिक, अमेरिका में कुछ महीनों बाद चुनाव होने हैं और लंबा युद्ध रिपब्लिकन पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह इस राय से सहमत हैं या नहीं।
📹 حجت الاسلام سیدعلی خمینی: برخی میگویند جنگ را ادامه دهیم برای اینکه ترامپ نابود شود، چون سه ماه دیگر انتخابات آمریکا است و ممکن است جمهوریخواهان شکست بخورند#انتقام_خون_امام_شهید pic.twitter.com/hJiFshiUnz
— خبرگزاری تسنیم (@Tasnimnews_Fa) July 11, 2026
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अमेरिका की होर्मुज स्ट्रेट पर चेतावनी
अमेरिका ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को हर हाल में खुला रखा जाना चाहिए। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यदि व्यापारिक जहाजों पर हमले जारी रहे या समुद्री रास्ते में किसी तरह की बाधा डाली गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। अमेरिका चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से भरोसा दे कि वह किसी भी कारोबारी जहाज को निशाना नहीं बनाएगा।
UAE पर लगाया मिलीभगत का आरोप
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर अमेरिका के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने निर्यात नियंत्रण नियमों में ढील देकर यूएई को विशेष व्यापारिक लाभ दिया है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत है। ईरान का आरोप है कि यह कदम क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन दोनों देशों के बयानों से साफ है कि सैन्य तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप की कड़ी चेतावनी, ईरान की पलट प्रतिक्रिया और इजराइल से अमेरिकी लड़ाकू विमानों की वापसी ने पश्चिम एशिया की स्थिति को एक बार फिर बेहद संवेदनशील बना दिया है।
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