Jantar Mantar CJP Protest: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन एक बार फिर शुरू हो गया है। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराए जाने के करीब छह घंटे बाद ही प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए और देर रात तक वहां नया मंच बनाकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और साफ किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी एक बार फिर संसद मार्च करेंगे। उनका कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक वे जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे।
तीन मांगों पर अड़ी CJP
प्रदर्शनकारी तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाया जाए। दूसरी, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए। तीसरी, NEET-UG 2026 की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।
नड्डा से मुलाकात, लेकिन नहीं मिला ठोस आश्वासन
सोमवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। मुलाकात के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उन्होंने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रख दी हैं और अब फैसला केंद्र सरकार को करना है।
🚨#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Nadda’s residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.
The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
सौरव दास ने कहा, “हमने अपनी बात रख दी है। अब फैसला उन्हें करना है। उन्हें युवाओं को न्याय दिलाना होगा। हालांकि, पुलिस के जरिए जो बर्बरता दिखाई गई, उसे देखते हुए मुझे उम्मीद कम है। धर्मेंद्र प्रधान का समय पूरा हो चुका है और उन्हें जाना ही होगा। सवाल सिर्फ यह है कि वह कब जाएंगे? 12 साल में पहली बार युवाओं के दबाव के कारण सरकार ने आंदोलनकारियों को बातचीत के लिए बुलाया है। यह अपने आप में इस आंदोलन की बड़ी जीत है। हमें भरोसा दिलाया गया है कि इस मामले पर चर्चा होगी और जल्द ही जवाब दिया जाएगा।”
#WATCH | दिल्ली: केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाक़ात के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “… हमने अपनी बात रख दी है; अब फ़ैसला उन्हें करना है। उन्हें युवाओं को न्याय दिलाना होगा। हालाँकि, आज पुलिस के ज़रिए उन्होंने जो बर्बरता दिखाई, उसे देखते… pic.twitter.com/oISKpOkd71
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2026
हालांकि, CJP का कहना है कि बैठक में उनकी किसी भी मांग पर कोई ठोस आश्वासन या समयसीमा नहीं दी गई। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि भाजपा नेतृत्व की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा, “अगर अब सरकार हमसे बात करना चाहती है, तो उसे जंतर-मंतर आकर ही बातचीत करनी होगी। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
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CJP का सरकार और पुलिस पर हमला
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने बातचीत के नाम पर केवल समय बर्बाद किया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता की।
रांका ने कहा, “लाठीचार्ज सिर्फ पुलिस ने किया। हमारे युवाओं को बेरहमी से पीटा गया, उनके सिर फोड़ दिए गए और उन्हें सड़कों पर घसीटा गया। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के बाल पकड़कर उन्हें ट्रक से बाहर खींचा गया। हमारे एक स्वयंसेवक की पसलियां तक टूट गईं। हमने ऐसी बर्बरता पहले कभी नहीं देखी। दिल्ली पुलिस ने सारी हदें पार कर दीं। साफ है कि उन्हें लोगों को पीटने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इससे आंदोलन और मजबूत होगा। अब और ज्यादा लोग दिल्ली आएंगे। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम यहां से नहीं हटेंगे।”
सरकार के साथ हुई बैठक पर रांका ने कहा, “हमें कोई जवाब नहीं मिला। करीब पांच घंटे बर्बाद हो गए। अगर अब सरकार हमसे बात करना चाहती है, तो उसे जंतर-मंतर आकर ही बातचीत करनी होगी।”
#WATCH | Delhi | On yesterday’s protest march, Cockroach Janta Party (CJP) National Spokesperson Ashutosh Ranka says, “It was just the Police who used lathis. Our youths were beaten up, their heads cracked open, they were dragged on streets. Sonam sir’s wife Gitanjali ma’am’s… pic.twitter.com/8yg6sHQ3Bz
— ANI (@ANI) July 21, 2026
संसद मार्च के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी
मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। यह CJP के ‘संसद चलो’ मार्च के एक दिन बाद के हैं।
VIDEO | Delhi: Morning visuals from Jantar Mantar, a day after the Cockroach Janta Party’s (CJP) “Sansad Chalo” protest.
More than 118 police personnel, including several senior officers, were injured and around 70 protesters were detained on Monday after the Cockroach Janta… pic.twitter.com/PbGUq7T9Tx
— Press Trust of India (@PTI_News) July 21, 2026
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोमवार को संसद मार्च के दौरान नई दिल्ली इलाके में हिंसा भड़क गई थी। पुलिस का दावा है कि इस घटना में कई वरिष्ठ अधिकारियों समेत 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
इसी दौरान जंतर-मंतर पर CJP के ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों और RPF कर्मियों के बीच भी झड़प हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए RPF और दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
#WATCH | Delhi | Protesters gathered for CJP’s protest march clash with RPF personnel at Jantar Mantar; RPF personnel & police use lathis for crowd control pic.twitter.com/gijaCjJksW
— ANI (@ANI) July 20, 2026
पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के पथराव में 15 से 20 सरकारी वाहन और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वहीं, CJP का दावा है कि पुलिस कार्रवाई में उनके करीब 60 समर्थक घायल हुए और प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया।
दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी
संसद मार्च के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। सिंघु, टिकरी, धांसा, कापसहेड़ा, नजफगढ़ और अन्य प्रमुख बॉर्डर इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वाहनों की सघन जांच की जा रही है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
आज फिर संसद मार्च का ऐलान
अभिजीत दीपके ने कहा कि मंगलवार को भी संसद मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और अन्य मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक जंतर-मंतर पर धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
गीतांजलि आंगमो बोलीं- आंदोलन पूरे देश में फैलेगा
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा को राष्ट्रीय मुद्दा बनाना और देशभर में लोगों को जागरूक करना है।
उन्होंने कहा, “आज का प्रदर्शन शिक्षा को पूरे देश में राष्ट्रीय मुद्दा बनाने और देश की अंतरात्मा को जगाने के लिए था। जब सोनम को हिरासत में लिया गया था, तब उन्हें लगा था कि आंदोलन खत्म हो जाएगा, लेकिन बच्चों ने इसे जिंदा रखा और इतना बड़ा बना दिया। जो आज दिल्ली में हुआ है, वह जल्द ही पूरे देश में देखने को मिलेगा।”
Delhi: Activist Sonam Wangchuk’s wife Gitanjali J. Angmo says, “Today’s protest aimed to make education a national conversation across the entire country, to awaken the conscience of the whole nation. Everyone has now realized how broken this government is. The education system… pic.twitter.com/hIsfZ0jgiR
— IANS (@ians_india) July 20, 2026
आशुतोष रांका का बयान- जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे
CJP ने स्पष्ट किया है कि उसकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक हम जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे। हम यहीं डटे हुए हैं और अधिक से अधिक प्रदर्शनकारियों के हमारे साथ जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं।”
VIDEO | “We won’t leave Jantar Mantar until Union Education Minister Dharmendra Pradhan resigns. We are here and waiting for more protesters to join us,” says CJP spokesperson Ashutosh Ranka.#CJPProtest pic.twitter.com/pxv7jGc9zy
— Press Trust of India (@PTI_News) July 20, 2026
दीपके बोले- बच्चों की सुरक्षा के लिए संसद मार्च वापस लिया
संसद मार्च के दौरान हुई झड़प और लाठीचार्ज के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन ने फिलहाल संसद मार्च वापस लेने का फैसला किया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों, खासकर महिलाओं और बच्चों के साथ बर्बरता की।
Delhi: Cockroach Janta Party (CJP) founder Abhijeet Dipke says, “We have called off our Parliament march. The children who were beaten and subjected to brutality — Delhi Police fractured the heads of 12-year-old girls. When I was watching near the barricades, I saw police… pic.twitter.com/v5tw9JBdBS
— IANS (@ians_india) July 20, 2026
दीपके ने कहा, “हमने अपना संसद मार्च वापस ले लिया है। जिन बच्चों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उनके साथ बर्बरता की गई, उसे देखते हुए हमने यह फैसला लिया। मैंने बैरिकेड्स के पास पुलिसकर्मियों को लड़कियों का गला पकड़ते देखा। एक लड़की ने बताया कि उसके कपड़े फाड़ दिए गए और हिरासत में लेने के बाद उसके सीने पर पैर रखा गया। पुलिस अंधाधुंध लाठियां चला रही थी। ये बच्चे हमारी अपील पर आए थे, इसलिए उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।”
दिल्ली पुलिस की अपील- शांति बनाए रखें, अफवाहों से बचें
संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि सभी प्रतिभागी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें, किसी भी गैरकानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए वैध निर्देशों का पालन करें।
Delhi Police appeals to all protestors to maintain peace, exercise restraint and cooperate with the police in ensuring peace and public order. All participants are requested to conduct themselves in a peaceful manner, refrain from indulging in any unlawful or violent activities… pic.twitter.com/5QBH9dGeha
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 20, 2026
दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से भी अफवाहों, भ्रामक जानकारी और अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने और उन्हें किसी भी मंच पर साझा न करने की अपील की है। पुलिस ने नागरिकों से केवल आधिकारिक और प्रमाणिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करने तथा राजधानी में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने का आग्रह किया है।
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